कंडक्टर भर्ती मामला: संचालन के काम से हटाए नामजद सीजीएम
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विवादित कंडक्टर भर्ती मामले में नामजद मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) एचके गुप्ता को संचालन के पद से हटा दिया गया है। अब ऑपरेशन का यह कार्य मंडलीय प्रबंधक (डीएम) पंकज सिंघल देखेंगे। एचके गुप्ता के पास इलेक्ट्रिक बस प्रोजेक्ट का कार्य ही रहेगा।
परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संदीप भटनागर ने इस बाबत आदेश जारी कर दिए हैं। हिमाचल में अब बस संबधित सभी कामकाज सिंघल के पास रहेगा। सीजीएम एचके गुप्ता का नाम एफआईआर में दर्ज है।
गुप्ता को इस मामले में सेशन कोर्ट से 20 मई को अंतरिम जमानत मिली है। दूसरी ओर परिवहन मजदूर संघ के अध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने प्रबंध निदेशक के इस फैसले का स्वागत किया है।
क्या है मामला
परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि प्रशासनिक कारणों से सीजीएम एचके गुप्ता को हटाया गया है। कंडक्टर भर्ती संबंधित मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने कंडक्टर भर्ती मामले में एचआरटीसी के करीब दो दर्जन कर्मचारियों और अधिकारियों से पूछताछ कर ली है। बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान कई जानकारियां मिली हैं। अब कड़ियां बनाकर उन्हें जोड़ा जा रहा है।
24 अक्तूबर, 2003 को निदेशक मंडल की बैठक में कंडक्टरों के 300 पद भरने की मंजूरी दी गई। इसमें सामान्य वर्ग के 166 ओबीसी के 54, एससी के 66 और एसटी के 14 पद भरे जाने थे। इन पदों के लिए प्रदेश भर से 17,890 आवेदन आए।
20 सितंबर 2004 को इन पदों पर 300 के बजाय 365 पद भर दिए गए। 12 मई 2005 को 13 और पद भर दिए गए। इससे भर्ती विवादों में आ गई। लंबे समय के बाद 14 मार्च 2017 को पुलिस ने तत्कालीन एमडी और डीएम समेत पांच लोगों को आरोपी बनाकर एफआईआर दर्ज कराई है।