15 दिन में कैसे पूरा होगा दस महीने का कंप्यूटर सिलेबस?
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा मजाक बन कर रह गई है। चार जुलाई से प्रदेश में ठप पड़ी कंप्यूटर शिक्षा को पहले तो विभाग ने शुरू करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब दस महीने में कवर किए जाने वाले कंप्यूटर विषय के सिलेबस को 15 दिन में पूरा करवाने का दावा किया है। प्रदेश के शीतकालीन स्कूलों में पहली जनवरी से लेकर 15 फरवरी तक छुट्टियां रहेंगी।
16 फरवरी को स्कूल खुलेंगे। मार्च के पहले हफ्ते में दसवीं से लेकर बारहवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं शुरू होंगी। ऐसे में कंप्यूटर विषय का सिलेबस पूरा करने के लिए करीब 15 दिन ही मिलेंगे। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इतने कम दिनों में स्कूली विद्यार्थियों को किस तरह से पढ़ाया जाएगा?
उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा पढ़ाने का जिम्मा नाइलेट कंपनी को दिया है। कंपनी के साथ विभाग ने 30 जून 2017 तक के लिए एमओयू साइन किया है। नाइलेट कंपनी ने 1134 स्कूलों में कंप्यूटर विषय पढ़ाने के लिए 1452 शिक्षकों की नियुक्ति की थी। चार जुलाई 2016 से इन शिक्षकों ने कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
मार्च के पहले हफ्ते में शुरू होंगी स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं
शिक्षा विभाग में मर्ज करने और कंपनी से हुए एमओयू को रद्द करने की मांग को लेकर कंप्यूटर शिक्षक चार जुलाई से हड़ताल पर चले गए। बीते पांच महीनों से स्कूलों में कंप्यूटर विषय की पढ़ाई पूरी तरह से ठप है। अब नींद से जागे शक्षा निदेशालय ने नाइलेट कंपनी को चेतावनी जारी करते हुए सिलेबस खत्म करने के लिए स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती करने के आदेश दिए हैं।
ग्रीष्मकालीन स्कूलों में तो सिलेबस कवर करने के लिए तो ढाई महीने का समय है लेकिन शीतकालीन स्कूलों में समय की बहुत अधिक कमी है। प्रदेश के शीतकालीन स्कूलों में तो नौवीं की कंप्यूटर (थ्योरी) की परीक्षा शुक्रवार को बिना पढ़ाए ही ले ली गई।
उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने बताया कि कंप्यूटर विषय का सिलेबस पूरा करने के लिए शिक्षकों की भर्ती का फैसला लिया गया है। समय कम बचा है। ऐसे में जितने दिन भी पढ़ाई करवाई जा सकती है। उसका प्रयास किया जा रहा है।