रेलवे ने इन्हें दिया 57 लाख रुपए का मुआवजा, पढ़िए पूरा मामला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तरी रेलवे ने आखिर छह किसानों को मुआवजे के रूप में करीब 57 लाख की राशि कोर्ट की मार्फत जमा करवाई है। हालांकि बहुचर्चित किसान मेला राम और मदन लाल के मामले में रेलवे अभी तक मुआवजे का ड्राफ्ट जमा करवाने में नाकाम रही है। बुधवार को रेलवे बनाम किसानों के मामलों की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय 1 व 2 में सुनवाई की गई। हालांकि एडीजे-2 विकास भारद्वाज की अदालत नहीं लग पाई।
इस दौरान मुआवजा एडीजे-1 मुकेश बंसल की अदालत में जमा कराया गया। रेलवे ने ऊना जिले के त्यूड़ी गांव से संबंधित छह किसानों को करीब 57 लाख का मुआवजा कोर्ट के माध्यम से जमा कराया। रेलवे के अधिवक्ता एके लट्ठ ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि त्यूड़ी निवासी किसान राम लाल, राम स्वरूप और हरबंसी देवी की एग्जीक्यूशन में कुल छह लाख 90 हजार 886 रुपये का ड्राफ्ट कोर्ट के माध्यम से जमा कराया गया। वहीं, प्रतापी देवी के केस में चार लाख 49 हजार 744 रुपये का ड्राफ्ट रेलवे ने अदालत के सुपुर्द किया।
मामले की अगली सुनवाई 18 जून को
सुखदेव और देशराज को मुआवजे के रूप में 17 लाख 40 हजार 431 का ड्राफ्ट दिया गया। रत्न चंद को 10 लाख 43 हजार 365 रुपये मुआवजे के रूप में कोर्ट के माध्यम से दिए गए। दो अन्य मामलों में लाखों रुपये के ड्राफ्ट अदालत में जमा कराए गए। उधर, किसानों के अधिवक्ता अरुण कुमार सैणी ने बताया कि इस मामले की आगामी सुनवाई 18 जून रखी गई है।
जबकि किसान मेला राम और मदन लाल के मुआवजे का ड्राफ्ट रेलवे अदालत में पेश नहीं कर सकी। इसकी आगामी सुनवाई 15 जून को होगी। गौर हो कि अदालत ने इस मामले में चुरड़ू रेलवे स्टेशन की संपत्ति अटैच करने के आदेश दिए थे।