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Himachal: मानव भारती विश्वविद्यालय के दस्तावेजों के सत्यापन के लिए कमेटी गठित, सरकार ने कोर्ट में दी जानकारी

Tue, 16 Aug 2022 10:13 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 16 Aug 2022 10:13 PM IST
सार

मानव भारती विश्वविद्यालय के दस्तावेजों के सत्यापन के लिए प्रदेश सरकार ने कमेटी का गठन कर दिया है। सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता ने अदालत को इस बारे में जानकारी दी है। मामले की सुनवाई 22 अगस्त को निर्धारित की गई है।   

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Committee constituted for verification of documents of Manav Bharati University, government gave information i
हिमाचल हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मानव भारती विश्वविद्यालय के दस्तावेजों के सत्यापन के लिए प्रदेश सरकार ने कमेटी का गठन कर दिया है। सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता ने अदालत को इस बारे में जानकारी दी है। मामले की सुनवाई 22 अगस्त को निर्धारित की गई है। इस मामले को मुख्य न्यायाधीश एए सैयद और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था। अदालत ने विश्वविद्यालय के दस्तावेजों के सत्यापन के लिए राज्य सरकार को कमेटी गठित करने के आदेश दिए थे। विश्वविद्यालय के छात्रों की मुश्किलों को देखते हुए अदालत ने यह आदेश दिए थे।

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विश्वविद्यालय पर फर्जी डिग्रियां बांटने का आरोप है। हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान विनियामक की ओर से विश्वविद्यालय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। विशेष जांच टीम इस मामले की जांच कर रही है। विश्वविद्यालय के सारे दस्तावेज विशेष जांच टीम के पास हैं। ऐसी स्थिति में विश्वविद्यालय के छात्रों को प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहे हैं। छात्रों की मुश्किलों को देखते हुए हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने राज्य सरकार से इन दस्तावेजों की प्रतिलिपियों की मांग की थी। 
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हाटी समुदाय पर सुनवाई 29 सितंबर तक टली
 प्रदेश हाईकोर्ट में सिरमौर के हाटी समुदाय के मामले की सुनवाई 29 सितंबर तक टल गई है। याचिकाकर्ता के आग्रह पर इस मामले में सुनवाई नहीं हो सकी। मामले को मुख्य न्यायाधीश एए सैयद और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था। इस मामले में अदालत ने केंद्र सरकार को जवाब दायर करने के आदेश दिए हैं। सिरमौर जिले के ट्रांसगिरी क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र घोषित करने करने की सिफारिश को चुनौती दी गई है। अनुसूचित जाति संरक्षण समिति जिला सिरमौर ने हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर की है। दलील दी गई है कि ट्रांसगिरी क्षेत्र में हाटी समुदाय की जनसंख्या लगभग 40 फीसदी है। आरोप है कि उनकी सुनवाई के बगैर ही राज्य सरकार ने ट्रांसगिरी क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र घोषित करने की सिफारिश की है। सरकार ने राजनीतिक लाभ पाने के लिए यह सिफारिश की है। आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार का यह निर्णय संविधान के विपरीत है। 

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