सीएम ने बताया कौन करवा रहा है उनके घर पर छापेमारी
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि उन पर सीबीआई और ईडी की छापेमारी में पूरी केंद्र सरकार शामिल नहीं है। इसमें केंद्र के एक-दो मंत्री प्रेम कुमार धूमल के साथ मिलकर कार्रवाई करवा रहे हैं लेकिन इससे उनके मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। वे डरने वाले नहीं हैं। रेणुका मेले के शुभारंभ पर एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें ईडी की कोई परवाह नहीं है।
वे तत्परता से प्रदेश की जनता की सेवा कर रहे हैं। पूरा प्रदेश उनके लिए एक समान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सिरमौर के विकास को विशेष तवज्जो दे रहे हैं। रेणुका तीर्थ के धार्मिक स्थलों को सेंचुरी से अलग करने के मामले का वे शिमला जाकर अध्ययन करेंगे। मामले का हल निकाला जाएगा।
भाजपा विधायक पर ली चुटकी
मुख्यमंत्री ने नाहन के भाजपा विधायक डॉ. राजीव बिंदल का नाम लिए बिना चुटकी लेते हुए कहा कि दूसरे जिले से आकर पैसों की ताकत पर वोट हासिल कर सिरमौरवासियों की भावनाओं से खिलवाड़ किया गया है। सिरमौरवासियों को अब मिलकर इस धब्बे को मिटाना है। सीएम ने कहा कि रेणुका उप चुनाव में पूर्व विधायक सुखराम चौधरी के शराब प्रकरण मामले में जांच हुई थी, लेकिन कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता बयान से पलट गए।
छापेमारी से सीएम को जोड़ना राजनीतिक चाल
वहीं, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ आए दिनों भाजपा नेताओं द्वारा रचे जा रहे षड़यंत्रों से कांग्रेस विचलित होने वाली नहीं है। प्रदेश कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर, महासचिव राम लाल ठाकुर, कुलदीप सिंह पठानियां, प्रवक्ता सुभाष मंगलेट ने कहा कि प्रर्वतन निदेशालय किसी भी छापेमारी को स्वतंत्र है, पर छापामारी को मुख्यमंत्री के साथ जोड़ना एक सोची समझी राजनीतिक चाल लगती है।
मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र पर उठाए सवाल
उद्योग और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री मुकेश अग्निहोत्री और आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से राज्य के भाजपा नेताओं के इशारे पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के विरुद्ध विभिन्न जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
वीरभद्र सिंह की बेटी के विवाह वाले दिन उनके आवास पर सीबीआई की छापामारी के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय ने वीरभद्र्र सिंह के सहयोगियों के परिसरों में छापामारी की है। केंद्र सरकार कांग्रेस शासित प्रदेशों में डर और आतंक का माहौल पैदा करने को केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई लोकप्रिय सरकारों को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है।
वीरभद्र सिंह को निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि राज्य में उनके नेतृत्व में सरकार पिछली भाजपा सरकार के शासनकाल के दौरान भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों में राज्य कांग्रेस कमेटी की ओर से तैयार की गई चार्जशीट के आधार पर जांच कर रही है।
प्रेमकुमार धूमल और अन्य भाजपा नेताओं से जुड़े भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों में जांच अंतिम चरण में है और कानूनी कार्रवाई की आशंका से भाजपा नेता वीरभद्र सिंह के विरुद्ध झूठे मुकदमे बनाकर और केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग से चौतरफा हमला बोल रहे हैं।
वीरभद्र के कई कंपनियों में शेयर : सत्ती
वहीं, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय की ओर से वीरभद्र सिंह के खिलाफ मामले दर्ज करने के बाद विभिन्न स्थानों पर की गई छापेमारी से साफ हो गया है कि वीरभद्र के कई कंपनियों में शेयर हैं। वीरभद्र सिंह प्रदेश की जनता को बताएं कि किन किन कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी है।
प्रवर्तन निदेशालय ने तीन मेट्रोपॉलिटन शहरों में ऐसे लोगों के यहां छापेमारी की है जो बड़ी कंपनियों के मालिक हैं और इन कंपनियों में वीरभद्र सिंह के शेयर बताए जा रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के हाथ कुछ दस्तावेज भी लगे हैं। जल्द ही इन मामलों की तस्वीर जनता के सामने आ जाएगी। कांग्रेस के नेता वीरभद्र सिंह पर लगे आरोपों से बचने के लिए भाजपा को दोषी ठहरा रहे हैं।
हकीकत यह है कि वीरभद्र सिंह पर यूपीए सरकार के समय में ही भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। वीरभद्र सिंह के केंद्रीय मंत्री रहते एक उद्योगपति से मिली डायरी में पैसों के लेन-देन का मामला सामने आया था। जिसकी जांच यूपीए सरकार के समय दबा दी गई थी। ईडी विभाग वरिष्ठ नेता अरुण जेटली के पास है और जेटली ईमानदार छवि के लिए जाने जाते हैं।
इससे पहले सीबीआई ने प्रदेश में वीरभद्र सिंह के 11 स्थानों पर छापामारी करके कुछ दस्तावेज जुटाए हैं। इस पूरे प्रकरण में किसी भी विभाग पर किसी भी किस्म का राजनीतिक दबाव नहीं है। दोनों विभाग स्वतंत्र रूप से अपने-अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेमकुमार धूमल पर झूठे आरोप और जांच तो केवल मात्र जनता को गुमराह करने के लिए है।