'धूमल संपत्तियों की जांच पर जल्द लिया जाएगा फैसला'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल की संपत्तियों की जांच किस एजेंसी से करवानी है। यानी प्रदेश सरकार को अपनी एजेंसी से जांच करवानी है या सीबीआई से। इस पर जल्दी फैसला किया जाएगा। सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि यह मामला सरकार के पास विचाराधीन है।
प्रदेश से बाहर संपत्तियां होने पर ही राज्य सरकार ने सीबीआई जांच का विचार किया था। वीरभद्र सिंह ने वीरवार को प्रदेश विधानसभा परिसर में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि उनके राजनीतिक विरोधी शायद उन्हें ताकतवर मानते हैं, इसीलिए उनका विरोध करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। मौजूदा मामला भी इसी षड्यंत्र का हिस्सा है।
मेरे खिलाफ सीबीआई की जांच का विरोधियों ने रचा षड्यंत्र
वीरभद्र सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ सीबीआई में प्रारंभिक जांच शुरू करवाना उनके विरोधियों का ही षड्यंत्र है। पहले भी उनके खिलाफ इस तरह के षड्यंत्र होते रहे हैं। इस बार भी वह विरोधियों के हर वार का करारा जवाब देने को तैयार है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि कथित दाल घोटाले पर उन्हें किसी की चिट्ठी नहीं मिली है। सीएम ने कहा कि जैसे ही यह पत्र उन्हें मिलता है, उस पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी। भाजपा के लोग तो किसी भी मामले को अनावश्यक तूल देते रहते हैं।