वीरभद्र बोले, अनुराग बिगडै़ल हैं जहां मिले दो चपेड़ मारो
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि धूमल परिवार के कारनामों पर एक किताब लिखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार धूमल की संपत्तियों की जांच शीघ्र करवाएगी। ऊना प्रवास के दूसरे दिन वीरवार को धुसाड़ा में आयोजित जनसभा में धूमल परिवार पर आरोपों की झड़ी लगा दी।
उन्होंने भरे मंच से पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के लिए स्थानीय बोली में प्रचलित एक शब्द से संबोधित किया। आगे वे बोले-भाजपा में शांता कुमार शालीन व्यक्ति हैं। अनुराग ठाकुर बिगड़ैल नौजवान हैं। अनुराग जहां मिलें, दो चपेड़ (थप्पड़) लगाए जाएं। सीएम ने कहा कि अनुराग को पत्थरों पर नाम लगाने का शौक है, इसलिए विकास कार्यों में टांग अड़ाते हैं।
केंद्र प्रायोजित स्कीमों में अनुराग बाधा बने हुए हैं। स्वां परियोजना फंडिंग की बात हो या ऊना में खुलने वाले पहले इंडियन ऑयल डिपो का मामला। अनुराग टांग अड़ा रहे हैं। वीरभद्र ने कहा कि धूमल और उनकी पार्टी पता नहीं उनसे क्यों डरती है। मेरा कोमल हृदय है। सबसे दोस्ताना संबंध चाहता हूं। लेकिन ये लोग साजिश रचते हैं।
एचपीसीए में जालंधर, लुधियाना के 25 लोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुराग ठाकुर ने एचपीसीए को कंपनी बनाकर प्रदेश की जनता के साथ छल किया है। धर्मशाला में जहां स्टेडियम के समीप होटल बनाया गया है, उस भूमि को धूमल ने बंजर कदीम का पर्चा ततीमा लगाकर बिना दरख्तान दर्शाया है।
जबकि वर्तमान में उसके आसपास 2500 से ज्यादा हरे-भरे पेड़ हैं। अनुराग ने एचपीसीए का पंजीकरण कानपुर में हिमालयन प्लेयर क्रिकेट एसोसिएशन के नाम से करवाया है। इसका हेडक्वार्टर जालंधर में बनाया गया। कमेटी में जालंधर और लुधियाना के 25 लोग शामिल किए जबकि हिमाचल से मात्र 5 से 6 लोग हैं।
आत्ममंथन कर रहे पूर्व डीजीपी मन्हास
सीएम ने जनसभा में कहा कि उनके खिलाफ मामलों को हवा देने वाले पूर्व डीजीपी मन्हास एक धार्मिक संस्था से जुड़कर आजकल आत्ममंथन कर रहे हैं। एक आदमी पूरी उम्र गलत काम करता है और बाद में जाकर भगवान के दर बैठ जाता है। मन्हास के पाप धुलने वाले नहीं।
संपत्ति हड़पने को गुंडों के साथ अरुण ने की फायरिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि धूमल सरकार के कार्यकाल में अरुण धूमल ने हेमराज नामक व्यक्ति के साथ मिलकर हिमाचल प्रदेश वक्फ बोर्ड के चेयरमैन की करोड़ों की संपत्ति को हड़पने के लिए करीब 100 गुंडों के साथ फायरिंग की।
अरुण धूमल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन की संपत्ति को हड़पने के उद्देश्य से वहां गए थे। यह सारा मामला पुलिस में दर्ज भी हुआ लेकिन तब धूमल की सरकार थी। इसलिए केस की फाइल गायब करवा दी। सीएम ने कहा कि इसकी भी छानबीन की जा रही है।