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दूसरी राजधानी को लेकर सीएम वीरभद्र ने फिर दिया बड़ा बयान
ब्यूरो/अमर उजाला, कांगड़ा
Updated Fri, 03 Feb 2017 09:06 AM IST
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दूसरी राजधानी को लेकर सरकार का कनफ्यूजन अभी दूर नहीं हुआ है। हाल ही में सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा था कि शिमला से न तो कोई दफ्तर शिफ्ट होगा और न ही कोई बदलाव होगा। लेकिन वीरवार को कांगड़ा पहुंचने के बाद सीएम ने अब कहा है कि कुछ निदेशालय धर्मशाला शिफ्ट हो सकते हैं।
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धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने को लेकर मटौर में आयोजित अभिनंदन समारोह के दौरान रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि धर्मशाला एक किस्म से दूसरी राजधानी बन गया है। इसमें उन्होंने ऐसी कौन सी गैर वाजिब बात कह दी जो भाजपा को चुभ रही है। आए दिन भाजपा इस मसले पर बयानबाजी कर रही है।
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लेकिन, यह सिलसिला अब रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि जब कांगड़ा पंजाब में था तो यहां सिर्फ डीसी, एसपी और सीएमओ बैठते थे। कांग्रेस सरकार ने कांगड़ा के महत्व को समझा और धर्मशाला में लोनिवि, आईपीएच के ईएनसी बैठाए। बिजली बोर्ड का दफ्तर खुलवाया। शिमला से शिक्षा बोर्ड को धर्मशाला लाया गया।
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धर्मशाला को नगर निगम बनाया। एक तरह से धर्मशाला हिमाचल की दूसरी राजधानी है। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं कि शिमला से सारे दफ्तर उठाकर धर्मशाला ले आएं। धर्मशाला दूसरी राजधानी घोषित हो चुकी है और कुछ निदेशालय भी यहां आ सकते हैं। सीएम ने कहा कि धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने की घोषणा हमने चार-पांच साल पहले ही कर दी थी।
सोचा था शांता-धूमल खुश होंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें लगा था कि धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने पर भाजपा सांसद शांता कुमार और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल खुश होंगे। लेकिन, वे तो निराश हो गए। आखिर वे चाहते क्या हैं। क्या अब मैं दूसरी राजधानी को पालमपुर और बमसन ले जाऊं, तभी वे खुश होंगे।
शिमला ग्रामीण सीट को क्यों छोड़ूं
शिमला ग्रामीण क्षेत्र के अलावा कहां से चुनाव लड़ने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपना चुनाव क्षेत्र आखिर क्यों छोड़ेंगे। हालांकि, आज वह इस स्थिति में हैं कि वह हिमाचल के किसी भी जिले के किसी भी हलके से चुनाव लड़कर जीत सकते हैं लेकिन अपना चुनाव क्षेत्र क्यों छोड़ें।
जेटली, अनुराग, धूमल ने रचा सारा खेल
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि राजनीतिक द्वेष के चलते उनके आयकर के एक केस की जांच तीन एजेंसियां कर रही हैं। जेटली, अनुराग, धूमल ने सारा खेल रचा। केंद्र सरकार सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। मुझ पर दबाव बनाया जा रहा है लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं। प्रधानमंत्री की वह इज्जत करते हैं लेकिन वह किसी के दबाव में आकर नहीं झुकेंगे। उन्होंने कहा कि पांच साल तक जो हिमाचल में कारखाना लगाएगा, उसका बिजली का टेरिफ नहीं बढ़ाया जाएगा।
अनुबंध कर्मियों का भविष्य सुरक्षित करेंगे
सीएम ने कहा है कि सरकार अनुबंध कर्मचारियों की ज्यादा से ज्यादा मदद करना चाहती है। सरकार चाहती है कि अनुबंध कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित हो और उन्हें सामाजिक न्याय मिले। कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण पर सीएम ने कहा कि यह काम केंद्र सरकार का है। उन्होंने कहा कि हवाई पट्टी के विस्तार में आने वाली जमीन के मालिकों को विरोध की जगह सहयोग करना चाहिए क्योंकि विकास के लिए यह जरूरी है।