छलका सीएम वीरभद्र का दर्द, बोले- संगठन ने जंग में छोड़ दिया अकेला
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सत्ता में काबिज होने के बाद पिछले साढ़े चार सालों से विपक्ष और केंद्र के निशाने पर रहे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का आखिर दर्द छलक ही पड़ा। सोलन में मुख्यमंत्री बेहद भावुक और अकेले नजर आए।
जनसभा में उन्होंने कहा कि संगठन ने उन्हें अकेला छोड़ दिया है। जब भाजपा उन पर हमलावर हुई तो संगठन का एक भी पदाधिकारी जवाब देने को आगे नहीं आया।
सभी चाटुकारिता में लगे थे। ब्लॉक स्तर से जिला और पूरे प्रदेश में संगठन के कई पदाधिकारी हैं, लेकिन किसी ने भी उन पर हो रहे हमलों का जवाब देना मुनासिब नहीं समझा। वे अकेले साढ़े चार साल से इस जंग को लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अफसोस इस बात है कि उनका पूरा संगठन गूंगा-बहरा बनकर तमाशा देखता रहा।
जब उन्हें संगठन की सबसे ज्यादा जरूरत थी तो उनका साथ देने को कोई आगे नहीं आया। संगठन का नियम होना चाहिए आल फॉर वन और वन फॉर आल। मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके। उन्होंने संगठन में शामिल लोगों को कमजोर बताया।
कहा कि उनके कंधों पर चुनाव में जीत सुनिश्चित नहीं होगी। बता दें कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और पीसीसी अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू के बीच लंबे समय से तल्खी चल रही है। गुड़िया मामले में भी कांग्रेसी ही इस मसले को पत्र के जरिये हाईकमान तक पहुंचा चुके हैं।
मैं धर्म को मानता हूं और भाजपा धर्म का इस्तेमाल करती है
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि वह एक हिंदू हैं और हिंदू होने पर उन्हें गर्व है। वह हिंदू धर्म को मानते हैं लेकिन भाजपा हिंदू धर्म का इस्तेमाल करती है। राम मंदिर के नाम पर अरबों रुपये जमा किए गए लेकिन आज राम मंदिर कहां बना, यह हर कोई जानता है। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रवादी हैं, उनके लिए पूरा राष्ट्र एक है।
कहीं भी कुछ होता है तो वे इसका दर्द महसूस करते हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सोलन जिला मुख्यालय में आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोटखाई प्रकरण में सीबीआई जांच की मांग सरकार ने की थी, जिसका फैसला उन्होंने खुद लिया। यह फैसला किसी के दबाव में आकर नहीं लिया गया था।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद एक स्थानीय नेता के भड़काने पर लोगों ने नए बने थाने को फूंक डाला, पुलिस कर्मियों से मारपीट की। वे इस पुलिस थाने के नुकसान की एक-एक पाई हमलावरों से वसूल करेंगे। उन्होंने कहा कि कोटखाई में दुष्कर्म और हत्या की शिकार हुई छात्रा का नाम गुप्त रखा जाना चाहिए था।
लेकिन भाजपा के लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी फोटो को प्रचारित किया। ताकि प्रदेश में माहौल और खराब हो सके। यहां खराब कानून व्यवस्था का ठीकरा उनके सिर फोड़ने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पूरे बहुमत के साथ सरकार बनाई है। कांग्रेस के कार्यकाल में पांच मेडिकल कॉलेज पूरे प्रदेश में खोले गए हैं जबकि भाजपा के कार्यकाल में एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं खुला।
इस समय पूरे प्रदेश में 135 डिग्री कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जिनकी वजह से ग्रामीण इलाकों में युवाओं को शिक्षा मिल रही है। कांग्रेस राज में सड़कों और पुलों का जाल बिछा है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि तीसा में स्थिति नियंत्रण में हैं। यहां प्रशासन और पुलिस ने समय रहते बेहतर काम किया है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस बार 75 प्रतिशत सीटें जीतकर दोबारा से सरकार बनाएगी।