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Shimla News: जिला परिषद में अध्यक्ष की ताजपोशी पर सियासी घमासान ,निर्दलियों पर नजर
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कांग्रेस को एक सदस्य की दरकार, भाजपा का दावा 13 सदस्यों का है समर्थन, अब दस सितंबर की बैठक का इंतजार
दोनों दलों ने तय कर लिए हैं अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के नाम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच शह-मात का खेल अब तेज हो गया है। 25 सदस्यीय जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की ताजपोशी से पहले दोनों दल अपने-अपने खेमे को साधने में जुट गए हैं। दोनों पदों के चुनाव के लिए 10 सितंबर को बैठक बुलाई है।
कांग्रेस बहुमत से महज एक वोट दूर है, जबकि भाजपा 13 सदस्यों के आंकड़े के साथ बढ़त बनाए हुए है। ऐसे में जिला परिषद की सत्ता किसके हाथ आएगी, यह आने वाले दिनों में होने वाली बैठकों और अंतिम राजनीतिक फैसलों पर निर्भर करेगा। पंचायतीराज विभाग ने सभी सदस्यों को चुनाव को लेकर नोटिस जारी कर दिए हैं। सोमवार तक अधिकांश सदस्यों को नोटिस मिल चुके हैं। कांग्रेस ने अपने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के संभावित नामों पर लगभग सहमति बना ली है, लेकिन अंतिम मुहर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ होने वाली बैठक के बाद ही लगेगी। कांग्रेस की ओर से अध्यक्ष पद के लिए लगातार चुनाव जीतते आ रहे और पिछली बार जिला परिषद के उपाध्यक्ष रहे सुरेंद्र रेटका का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। वहीं उपाध्यक्ष पद को लेकर भी कांग्रेस में मंथन जारी है। पार्टी ने 9 सितंबर को कांग्रेस समर्थित सभी जिला परिषद सदस्यों की बैठक बुलाई है।
भाजपा ने अभी तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर अपने पत्ते पूरी तरह नहीं खोले हैं। सूत्रों के मुताबिक चौपाल से भूपेंद्र का नाम अध्यक्ष पद की दौड़ में आगे बताया जा रहा है। हालांकि आलाकमान क्या फैसला लेगा, इस पर पार्टी के बड़े नेताओं की नजर है। चमियाना वार्ड से 9,981 वोटों से जीते खुशविक्रम सेन के नाम को लेकर पार्टी के भीतर अभी सहमति नहीं बन पाई है। जिला परिषद में अध्यक्ष के चुनाव के लिए इस बार बैठक में 50 फीसदी बहुमत आधार होगा।
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टाइमलाइन : कब क्या हुआ
6 जून : कोरम पूरा होने पर सदस्यों को शपथ दिलाई गई।
27 जून : बैठक रखी गई लेकिन चुनाव का एजेंडा नहीं बताया। बैठक में 11 सदस्य ही शामिल हुए।
3 अगस्त : चुनाव की तारीख दी लेकिन दोनों दलों के सदस्य नहीं आए जिस वजह से कोरम पूरा नहीं हुआ।
8 अगस्त : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर 13 सदस्यों को साथ लेकर मीडिया के सामने आए।
10 अगस्त : भाजपा ने कोर्ट में याचिका दायर की।
11 अगस्त : प्रदेश हाईकोर्ट ने जिप अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में देरी पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का आदेश दिया।
17 अगस्त : हाईकोर्ट ने शिमला जिप अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव के मामले में फैसला सुरक्षित रखा।
दोनों दलों का पर्याप्त बहुमत का दावा
कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष हरिकृष्ण हिमराल ने बताया कि उनके दल से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनेंगे। पार्टी के पास पर्याप्त समर्थन है और चुनाव वाले दिन स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। भाजपा के कुछ सदस्य संपर्क में हैं। वहीं जिला भाजपा अध्यक्ष केशव चौहान ने बताया कि कांग्रेस के पास पर्याप्त बहुमत नहीं है। बहुमत होता तो कांग्रेस पहले ही चुनाव करवा लेती। प्रदेश में अधिकांश जगहों पर भाजपा समर्थित लोग ही जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुने गए हैं।
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दोनों दलों ने तय कर लिए हैं अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के नाम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच शह-मात का खेल अब तेज हो गया है। 25 सदस्यीय जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की ताजपोशी से पहले दोनों दल अपने-अपने खेमे को साधने में जुट गए हैं। दोनों पदों के चुनाव के लिए 10 सितंबर को बैठक बुलाई है।
कांग्रेस बहुमत से महज एक वोट दूर है, जबकि भाजपा 13 सदस्यों के आंकड़े के साथ बढ़त बनाए हुए है। ऐसे में जिला परिषद की सत्ता किसके हाथ आएगी, यह आने वाले दिनों में होने वाली बैठकों और अंतिम राजनीतिक फैसलों पर निर्भर करेगा। पंचायतीराज विभाग ने सभी सदस्यों को चुनाव को लेकर नोटिस जारी कर दिए हैं। सोमवार तक अधिकांश सदस्यों को नोटिस मिल चुके हैं। कांग्रेस ने अपने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के संभावित नामों पर लगभग सहमति बना ली है, लेकिन अंतिम मुहर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ होने वाली बैठक के बाद ही लगेगी। कांग्रेस की ओर से अध्यक्ष पद के लिए लगातार चुनाव जीतते आ रहे और पिछली बार जिला परिषद के उपाध्यक्ष रहे सुरेंद्र रेटका का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। वहीं उपाध्यक्ष पद को लेकर भी कांग्रेस में मंथन जारी है। पार्टी ने 9 सितंबर को कांग्रेस समर्थित सभी जिला परिषद सदस्यों की बैठक बुलाई है।
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भाजपा ने अभी तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर अपने पत्ते पूरी तरह नहीं खोले हैं। सूत्रों के मुताबिक चौपाल से भूपेंद्र का नाम अध्यक्ष पद की दौड़ में आगे बताया जा रहा है। हालांकि आलाकमान क्या फैसला लेगा, इस पर पार्टी के बड़े नेताओं की नजर है। चमियाना वार्ड से 9,981 वोटों से जीते खुशविक्रम सेन के नाम को लेकर पार्टी के भीतर अभी सहमति नहीं बन पाई है। जिला परिषद में अध्यक्ष के चुनाव के लिए इस बार बैठक में 50 फीसदी बहुमत आधार होगा।
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टाइमलाइन : कब क्या हुआ
6 जून : कोरम पूरा होने पर सदस्यों को शपथ दिलाई गई।
27 जून : बैठक रखी गई लेकिन चुनाव का एजेंडा नहीं बताया। बैठक में 11 सदस्य ही शामिल हुए।
3 अगस्त : चुनाव की तारीख दी लेकिन दोनों दलों के सदस्य नहीं आए जिस वजह से कोरम पूरा नहीं हुआ।
8 अगस्त : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर 13 सदस्यों को साथ लेकर मीडिया के सामने आए।
10 अगस्त : भाजपा ने कोर्ट में याचिका दायर की।
11 अगस्त : प्रदेश हाईकोर्ट ने जिप अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में देरी पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का आदेश दिया।
17 अगस्त : हाईकोर्ट ने शिमला जिप अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव के मामले में फैसला सुरक्षित रखा।
दोनों दलों का पर्याप्त बहुमत का दावा
कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष हरिकृष्ण हिमराल ने बताया कि उनके दल से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनेंगे। पार्टी के पास पर्याप्त समर्थन है और चुनाव वाले दिन स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। भाजपा के कुछ सदस्य संपर्क में हैं। वहीं जिला भाजपा अध्यक्ष केशव चौहान ने बताया कि कांग्रेस के पास पर्याप्त बहुमत नहीं है। बहुमत होता तो कांग्रेस पहले ही चुनाव करवा लेती। प्रदेश में अधिकांश जगहों पर भाजपा समर्थित लोग ही जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुने गए हैं।