सीएम वीरभद्र की दो टूक, धर्मशाला में न हों भारत-पाक मैच
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हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने धर्मशाला के एचपीसीए क्रिकेट स्टेडियम में भारत-पाक मैच का विरोध किया है। बिझड़ी में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पहले धर्मशाला में क्रिकेट मैच के पक्ष में थे।
मैच के दौरान पूरी सिक्योरिटी व्यवस्था उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया था। लेकिन पठानकोट में आतंकी हमले के बाद पड़ोसी देश के साथ रिश्ते सही नहीं रहे हैं। हमले में शहीद हुए जवानों के परिजनों की संवेदनाओं व भावनाओं को जानने के बाद अब पाकिस्तान के साथ मैच के पक्ष में नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि शहीदों की परिजनों की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। वीरभद्र सिंह ने कहा कि वीरभूमि हिमाचल के बजाय इस मैच को कहीं भी शिफ्ट कर दिया जाए। सीएम के अलावा भाजपा नेता भी मैच का विरोध कर रहे हैं।
छोटी छोटी बातों पर बहिष्कार करना ठीक नहीं
सीएम ने कहा कि हमने हमेशा ही विधानसभा सत्रों के दौरान विपक्ष से सहयोग का आग्रह किया है ताकि विधानसभा सत्र के दौरान विकास एवं जन कल्याण नीतियों पर सकारात्मक चर्चा हो सके। लेकिन प्राय: यह देखा गया है कि भाजपा विधायक सदन में महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा करने के बजाय विधानसभा के बाहर सरकार के विरूद्ध नारेबाजी करते हुए दिखाई देते हैं।
भाजपा विधायक असामान्य व्यवहार करते हैं। जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का अपने नेताओं पर नियंत्रण नहीं हैं। विधानसभा सत्र के दौरान छोटी-छोटी बातों पर बहिष्कार को मुख्यमंत्री ने अनौचित करार दिया है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि वह राष्टवादी हैं और पंडित जवाहर लाल नेहरू के समय राजनीति में आए हैं।
लेकिन कुछ लोगों को अपने उपर भरोसा नहीं है। ऐसे लोग उपर नीचे की राजनीति कर प्रदेश को बांटने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में शालीनता और एक-दूसरे के प्रति आदर सतकार होना चाहिए।