सेवादारों के कब्जों से मुक्त होंगे मंदिर: वीरभद्र सिंह
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हिमाचल में मंदिरों को सेवादारों के कब्जे से मुक्त करवाया जाएगा। ऐसे कई मंदिर हैं, जहां सेवादार संपत्ति के मालिक बन बैठे हैं और मंदिरों को उपेक्षित कर दिया है। ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की बैठक में उठे मुद्दे के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश जारी कर दिए हैं। ऐसे मंदिरों की जानकारी जुटानी होगी और इसके बाद कार्रवाई भी करनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिरों की उपेक्षा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के हर जिले में सरकार अपने खर्च पर परशुराम भवनों का निर्माण कराएगी। हालांकि, इन भवनों का निर्माण उन्हीं जिलों में होगा जहां समुदाय के सदस्य इसके लिए आवेदन करेंगे। बैठक के दौरान सदस्यों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। सीएम ने कहा कि सरकार ने उपेक्षित मंदिरों के संचालन के लिए रिवाल्विंग निधि की स्थापना की है।
उन्होंने कहा कि अगर समुदाय के सदस्य आवेदन करते हैं तो सरकार हर जिले में परशुराम भवनों अथवा ब्राह्मण भवनों का निर्माण करा सकती है। मुख्यमंत्री ने राज्य में न्यासों की ओर से संचालित प्रसिद्ध मंदिरों में पुस्तकालयों, जिनमें कर्मकांड अथवा धार्मिक पद्वति की चुनिंदा पुस्तकें हों, उनकी स्थापना पर विचार करने का आश्वासन दिया।
ब्राह्मण न्यास की स्थापना के लिए भूमि आवंटन पर विचार
सीएम ने गौ सदनों के निर्माण एवं संचालन के लिए आगे आने को कहा। इस बात पर चिंता जताई कि कुछ लोग गौवंश का परित्याग करने के लिए उन पर लगाए गए टैग को भी हटा देते हैं ताकि उन्हें अपने लावारिस छोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि चंबा में गोहत्या में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक संजय रतन मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिले में ब्राह्मण न्यास की स्थापना के लिए उपायुक्त को भूमि आवंटन के मामले पर विचार करने को कहा। बैठक में भाट ब्राह्मणों को अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आय सीमा को समाप्त करने और पठानकोट के समीप डमटाल में प्राचीन राधाकृष्ण मंदिर को न्यास बनाने के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय संस्कृत अकादमी और कुल्लू तथा चंबा में संस्कृत महाविद्यालय खोलने के मामले पर विचार करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कुल्लू जिले के लूहरी के समीप खेगसू मंदिर के रखरखाव पर चिंता जताते हुए मंदिर को न्यास के अधीन लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अत्याचार की झूठी शिकायत दी तो होगी कार्रवाई
अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत निर्दोष व्यक्तियों के खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराने वालों के खिलाफ सरकार सख्त रुख अपनाने जा रही है। ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की बैठक में यह मुद्दा उठा तो मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अत्याचार निवारण अधिनियम में संशोधन करने की बात कही। सीएम ने कहा कि निर्दोष व्यक्तियों के विरुद्ध झूठी शिकायतें दर्ज करवाने वालों के खिलाफ दंड का प्रावधान किया जाएगा।
बैठक में बोर्ड के प्रतिनिधियों ने आगामी बजट में राजपूत अथवा ब्राह्मण समुदाय के बीपीएल परिवारों को एससी, एसटी व ओबीसी की तर्ज पर कल्याणकारी एवं आवासीय योजनाओं के अन्तर्गत लाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने समुदाय द्वारा उठाए गए मुद्दे पर सहमति व्यक्त करते हुए इस संबंध में भारत सरकार को पत्र लिखकर बदलाव की मांग करने की बात कही।
आश्वासन दिया कि अगर भारत सरकार से इस संबंध में कोई उत्तर प्राप्त नहीं होता है तो राज्य सरकार इसपर उचित कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिले के तलवाड़ा में महाराणा प्रताप की क्षत-विक्षत प्रतिमा को हटाने तथा इस महान राजपूत योद्धा की मूर्ति के निर्माण के लिए श्रेष्ठ मूर्तिकार को हायर करने के निर्देश दिए।
बीपीएल परिवारों का होगा सर्वेक्षण- बीपीएल सूची में कुछ धनाड्य परिवारों के नाम दर्ज होने के मामले सामने आने के बाद सीएम ने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि समुदाय के बीपीएल परिवारों के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए कम ब्याज दरों पर ऋण देने पर विचार किया जाएगा।
इसके अलावा आवेदन फीस के अंतर को भी कम करने पर सरकार विचार करेगी। सदस्यों की मांग पर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग की तर्ज पर विशेष आयोग के गठन पर भी ने विचार किया जाएगा।
निजी क्षेत्र में भी दी जाए अल्पसंख्यकों को वरीयता
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को सरकारी नौकरियों में पहले ही 15 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है। इसके अलावा निजी क्षेत्र में भी वरीयता देने के निर्देश दिए। सीएम ने कब्रिस्तान/शमशानघाट के निर्माण की मांग आने पर प्राथमिकता देने के लिए सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं।
शुक्रवार को अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड की 7वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने पावंटा तहसील के मानपुरा देवड़ा कब्रिस्तान में चारदीवारी का निर्माण करने तथा हैंडपंप की स्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने शमशानघाटों के नजदीक चारदीवारी व बाड़ लगाने, पानी की आवश्यकताओं जैसे आवेदनों पर गौर करने के लिए सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी शिशु गृहों, आश्रय गृहों, अनाथालयों व नारी निकेतनों का समुचित प्रबंधन करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं। साथ ही इन गृहों और आश्रमों के औचक निरीक्षण कर सुधार के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
उर्दू और पंजाबी अध्यापकों के 100-100 पद स्वीकृत
सीएम ने आश्वासन दिया कि चंबा जिले के साहू में गुज्जर आवास में शीघ्र सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कल्याण विभाग को धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने जल विद्युत परियोजनाओं के क्षेत्रों में 70 प्रतिशत मानदंड के आधार पर स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता प्रदान करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय को हज यात्रियों के लिए दिल्ली के बजाय चंडीगढ़ से उड़ानें शुरू करने के लिए अनुरोध पत्र लिखेंगे। बैठक में ब्यास नदी के तट पर नादौन में गुरुद्वारा साहिब के नजदीक डूब रही जमीन को
बचाने के लिए राज्य आपदा प्रबन्धन के माध्यम से धनराशि उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया। बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि उर्दू और पंजाबी अध्यापकों के 100-100 पद स्वीकृत किए गए हैं।