सीएम वीरभद्र ने धूमल को राजभवन में दिए हेल्थ टिप्स
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल को राजभवन शिमला में हेल्थ टिप्स दिए। पिछले कई दिनों से चल रहे आरोपों-प्रत्यारोपों के दौर के बीच दोनों नेता जभवन शिमला में मिले और यहां खूब बतियाते रहे। राज्यपाल के इंतजार के समय दोनों ने यहां एक कक्ष में बैठकर वार्तालाप किया।
प्रदेश की राजनीति के दोनों ही बड़े दिग्गज पिछले कुछ दिनों से जहां एक-दूसरे के खिलाफ आक्रामक नजर आ रहे थे, वहीं मंगलवार को दोनों की तल्खी राजभवन शिमला में नरमी में बदली नजर आई। तय कार्यक्रम के मुताबिक राज्यपाल ने पांच बजे राजभवन आना था, मगर वह लगभग छह बजे ही पहुंच पाए।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल पहले ही यहां पहुंच गए थे। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल ने अपनी आंखों के आपरेशन के बारे में सूचना शेयर की तो वीरभद्र सिंह ने भी खुद के उपचार से संबंधित जानकारियां दीं।
दोनों के इस वार्तालाप के समय उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. कर्नल धनीराम शांडिल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती सहित कई अन्य गणमान्य नेता भी मौजूद रहे। इसके बाद जब राज्यपाल मीडिया से बात कर रहे थे तो उस समय भी वीरभद्र और धूमल दोनों की गपशप चलती रही और कहकहों का दौर जारी रहा।
मेरे शब्दों से धूमल-अनुराग को ठेस पहुंची है तो वापस लेने से गुरेज नहीं : वीरभद्र
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने ऊना जिले के धुसाड़ा में दिए भाषण को तोड़-मरोड़ कर पेश करने पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उनके भाषण के कुछ अंशों को इसकी मूल भावना से अलग कर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और सांसद अनुराग ठाकुर के सम्मान को ठेस पहुंचाने की उनकी कोई मंशा नहीं थी।
वह हर व्यक्ति विशेष की प्रतिष्ठा का पूर्ण सम्मान करते हैं। यदि उनके शब्दों से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो उन्हें अपने शब्द वापस लेने में कोई गुरेज नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक कारणों के चलते कुछ केंद्रीय परियोजनाओं के कार्यान्वयन में हो रहे विलंब पर चिंता के चलते उन्होंने कुछ कड़ी टिप्पणियां की थीं।
उन्होंने अनुराग ठाकुर को सकारात्मक सोच अपनाने और लोगों के व्यापक हित के मद्देनजर अपने निर्वाचन क्षेत्र एवं प्रदेश के विकास के लिए कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वह विपक्ष के नेताओं का पूरा सम्मान करते हैं। वीरभद्र सिंह ने कहा कि उनके ऊना दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें जानकारी दी कि क्षेत्र के लिए विभिन्न केंद्रीय परियोजनाओं में जानबूझकर देरी की जा रही है।
500 करोड़ रुपये के इंडियन ऑयल डिपो का शिलान्यास रखने में काफी विलंब के कारण इसका कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है जबकि प्रदेश सरकार ने इस परियोजना से संबंधित भूमि हस्तांतरण इत्यादि सभी औपचारिकताएं काफी पहले पूरी कर ली थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊना जिले में 922.48 करोड़ रुपये की स्वां नदी बाढ़ प्रबंधन परियोजना भारत सरकार के बाढ़ प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत 70:30 की हिस्सेदारी के आधार पर कार्यान्वित की जा रही है, लेकिन केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए अपने हिस्से की राशि अभी तक जारी नहीं की है।