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Himachal: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू बोले- एमआईएस के तहत 1,43,778 मीट्रिक टन सेब खरीदेंगे
Fri, 25 Aug 2023 05:45 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 25 Aug 2023 05:45 PM IST
सार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि सरकार ने सेब उत्पादकों को लाभ देने के लिए मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत सेब के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 10.50 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इस सेब सीजन में सरकार एमआईएस के तहत 1,43,778 मीट्रिक टन सेब खरीदेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि सरकार ने सेब उत्पादकों को लाभ देने के लिए मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत सेब के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 10.50 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया है। सरकार ने सेब उत्पादकों को लाभान्वित करने के लिए पहली बार समर्थन मूल्य में 1.50 रुपये की वृद्धि की है। सेब के अलावा एमआईएस के तहत आम, किन्नू, माल्टा और संतरे की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य भी 10.50 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया है। पहली बार नींबू की खरीद भी गलगल के बराबर यानी 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर की जाएगी।
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सुक्खू ने कहा कि सेब बागवानों की सुविधा के लिए 312 खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें से एचपीएमसी की ओर से 210 और शेष 102 केंद्र हिमफेड संचालित करेगा। राज्य सरकार के इस निर्णय से सेब उत्पादकों को लगभग 24 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए सीडलिंग, ग्राफ्टेड और कच्चे अचारी आम के खरीद अंतर को समाप्त कर दिया है। 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से आम की खरीद की जाएगी। राज्य सरकार ने किन्नू, माल्टा और संतरे की खरीद के लिए ग्रेड प्रणाली को समाप्त करने का निर्णय लिया है। वर्ष 2023-24 के दौरान 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गलगल और नींबू की भी खरीद की जाएगी। फल उत्पादकों को बिचौलियों के शोषण से बचाने के लिए मंडी मध्यस्थता योजना कारगर है।
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