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हिमाचल: सीएम सुक्खू बोले-जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन, पर्यटन और बागवानी पर शोध को प्राथमिकता दें विवि
Fri, 25 Sep 2026 06:32 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 25 Sep 2026 06:32 PM IST
सार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोलन में आयोजित शैक्षणिक सम्मेलन की अध्यक्षता की। छात्रों के साथ संवाद भी किया। सम्मेलन का आयोजन हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने प्रदेश के सभी निजी विश्वविद्यालयों के सहयोग से किया।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों से राज्य की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप अनुसंधान परियोजनाओं को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने सोलन में आयोजित शैक्षणिक सम्मेलन की अध्यक्षता की। छात्रों के साथ संवाद भी किया। सम्मेलन का आयोजन हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने प्रदेश के सभी निजी विश्वविद्यालयों के सहयोग से किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम में बदलाव, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन, सतत पर्यटन, अक्षय ऊर्जा, बागवानी, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें विवि की ओर से किया गया सार्थक अनुसंधान प्रदेश के हितों के संरक्षण में महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकता है।
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उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार की संभावनाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से हिमाचल गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में 5वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि वर्ष 2021 में प्रदेश 21वें स्थान पर था। उन्होंने कहा कि निजी विवि प्रदेश सरकार के लिए मात्र शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि संपूर्ण उच्च शिक्षा प्रणाली के महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। शिक्षा के विस्तार और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को तैयार करने में उद्योग जगत तथा शिक्षण संस्थानों के मध्य सहयोग आवश्यक है। कहा कि विश्वविद्यालयों को उभरते रोजगार अवसरों के दृष्टिगत पाठ्यक्रम अपनाने चाहिए।
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प्रदेश सरकार राज्य में बेहतर पाठ्यक्रम, प्रयोगशालाएं और अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध कराने पर कार्य कर रही है। उद्योग जगत के साथ संपर्क और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के रोजगार अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्राथमिक स्तर से उच्चतम स्तर तक शिक्षा अधोसंरचना को समग्र रूप से उन्नत किया जा रहा है। सरकार शिक्षा की पहुंच, गुणवत्ता और छात्रों के कौशल निखार पर विशेष बल दे रही है। सम्मेलन में राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा, विधायक संजय अवस्थी, विनोद सुल्तानपुरी, हिमाचल प्रदेश सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर, शिक्षा सचिव राकेश कंवर और उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के सदस्य ललित चौधरी, सहित कई वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति मौजूद थे।
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इनसेट
प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर पूर्ण रोक लगाएंगे
मुख्यमंत्री ने निजी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से प्रदेश में जल के माध्यम से आत्मनिर्भरता की सोच विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश को शिक्षा हब बनाने, दुग्ध उत्पादन, प्राकृतिक कृषि और बंजर भूमि के उपयोग से सौर विद्युत उत्पादन से ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत बनाने की जानकारी दी। प्रदेश सरकार प्रश्नपत्र लीक होने जैसी घटनाओं पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने इससे पूर्व विभिन्न निजी विवि की ओर से अनुसंधान एवं पेटेंट विषयों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने छात्रों से देश हित के लिए प्रयासरत रहने का आग्रह किया। हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के सदस्य विजय पाल सिंह ने आयोग की कार्यप्रणाली एवं आज के विषय पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।