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Himachal CM: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- कंडाघाट में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
Mon, 17 Jun 2024 06:30 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Mon, 17 Jun 2024 06:30 PM IST
सार
सोमवार को जारी बयान में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कंडाघाट में दिव्यांगजनों के लिए उत्कृष्ट शिक्षा केंद्र स्थापित करने जा रही है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार सोलन जिले के कंडाघाट में दिव्यांगजनों के लिए उत्कृष्ट शिक्षा केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) स्थापित करने जा रही है। विशिष्ट सुविधाओं से सुसज्जित इस केंद्र में 27 वर्ष की आयु तक के विशेष रूप से सक्षम बच्चों के लिए आवासीय सुविधाएं, खेल मैदान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सहित व्यापक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए परियोजना को समयबद्ध पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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सोमवार को जारी बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस परियोजना को दो वर्ष के भीतर पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। कंडाघाट क्षेत्र के टिक्करी गांव में 45 बीघा सरकारी भूमि को चिह्नित कर इस परियोजना को स्थापित करने के लिए भूमि का स्वामित्व सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग को दे दिया गया है। लोक निर्माण विभाग को मैपिंग करने तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए गए है। इस केंद्र के माध्यम से 300 दिव्यांग विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। विभाग ने इस परियोजना को तैयार करने के लिए प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए विभाग ने विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों का अध्ययन किया है तथा दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रमों की पहचान की है।
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उन्होंने कहा कि इस केंद्र की रूपरेखा तैयार करने के लिए दृष्टि एवं श्रवण बाधित विशेषज्ञों तथा समग्र क्षेत्रीय केंद्र सुंदरनगर के प्रतिनिधियों की समिति गठित की गई है। परियोजना को और बेहतर बनाने के लिए चेन्नई में दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण संस्थान का दौरा करने की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि इस दौरे का उद्देश्य संस्थान के उत्कृष्ट मॉडल का अध्ययन करना है, जिससे कंडाघाट केंद्र में सर्वश्रेष्ठ सुविधाओं को शामिल किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में प्रदेश सरकार ने समाज के वंचित वर्गों के कल्याण एवं उत्थान के लिए अनेक नवोन्मेषी कदम उठाए हैं। सरकार के नवीन प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश के दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा में जुड़ रहे हैं।
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