घोषणाओं की होड़ में पंजाब में पीएचसी खोल गए वीरभद्र : जयराम
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सीएम जयराम ठाकुर ने पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के बयान पर पलटवार किया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हमीरपुर में जनसभा में कहा कि पूर्व सरकार में घोषणाओं की होड़ में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पंजाब में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खोलने की अधिसूचना कर गए।
जयराम ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उनके पास आए और कहने लगे कि साहब एक पीएचसी की अधिसूचना को रद्द करना है। चूंकि यह पीएचसी जहां खुलेगी उस नाम से प्रदेश में कोई जगह नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के बाद पता चला कि वीरभद्र सिंह ने जिस पीएचसी की अधिसूचना जारी की है, वह गांव पंजाब में है। बाद में कैबिनेट में इसे रद्द करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी केवल सपने देखने का काम करती है, लेकिन भाजपा सपनों को देखने के साथ उसे साकार भी करती है।
बिना बजट के कई स्कूल और स्वास्थ्य संस्थानों की घोषणा कर दी
पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने सत्ता जाते-जाते बिना बजट के कई स्कूल और स्वास्थ्य संस्थानों की घोषणा कर दी। यहां तक कि डिग्री कॉलेज के लिए एक-एक लाख की घोषणा भी कर दी।
सीएम ने कहा कि एक लाख रुपये में कोई कॉलेज नहीं खुलता है। प्रदेश में चार नए मेडिकल कॉलेज खुले हैं। प्रदेश में शीघ्र ही मेडिकल विश्वविद्यालय खोला जाएगा।
इसके साथ ही स्विट्जरलैंड से एमओयू पर हस्ताक्षर कर प्रदेश के कोने-कोने में मरीजों को हेली टैक्सी की सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। लेकिन कांग्रेस नेता इन सब योजनाओं को अपना बताकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
बालक नहीं, कई पदों पर सफल जिम्मेवारी निभा चुका हूं : जयराम
राजनीति में बालक कहने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वीरभद्र सिंह पर पलटवार करते हुए कहा कि वह कोई बालक नहीं हैं। उनके पास विधानसभा में 20 वर्ष का अनुभव है।
एमएलए, मंत्री से लेकर पार्टी अध्यक्ष की सफल जिम्मेवारी को निभा चुके हैं। जयराम ने कहा कि राजनीति में कौन कितने वक्त तक रहा, यह महत्व नहीं रखता है। किसका क्या योगदान रहा, यह महत्वपूर्ण है।
महज आठ किलोमीटर होने के बावजूद स्कूल मैदान से ही जोलसप्पड़ स्थित मेडिकल कॉलेज भवन का ऑनलाइन शिलान्यास करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर मौके पर जाकर जगह-जगह शिलान्यास करने लगे तो प्रदेश में बड़े काम नहीं हो पाएंगे।
सीएम ने किया आयुर्विज्ञान कॉलेज भवन का शिलान्यास
भले ही यह मेडिकल कॉलेज 10 किलोमीटर दूर जोलसप्पड़ में चलेगा लेकिन इसके 250 बिस्तरों वाले अस्पताल का शिलान्यास भी हमीरपुर से ऑनलाइन किया गया।
साथ ही आयुर्विज्ञान महाविद्यालय हमीरपुर के आवासीय खंड का लोकार्पण और मेडिकल कॉलेज के परिसर का शिलान्यास भी किया। आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के भवन का निर्माण 206 करोड़ रुपये से किया जाएगा।
इस अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के इस छठे आयुर्विज्ञान महाविद्यालय में एमबीबीएस के छात्रों के लिए 100 सीटें होंगी। इसी सत्र से कक्षाएं हमीरपुर में शुरू होंगी।
चार जिलों के लोगों को श्रेष्ठ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हाेेगी
आयुर्विज्ञान महाविद्यालय निकट के करीब चार जिलों के लोगों को श्रेष्ठ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाएगा। प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में छह और निजी क्षेत्र में एक आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के खुलने से करीब 750 चिकित्सक उपलब्ध होंगे।
इससे प्रदेश में विशेषज्ञों और चिकित्सा अधिकारियों की मांग को पूरा करने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विधायक की मांग पर हमीरपुर शहर में बस अड्डा, इंडोर स्टेडियम और पार्किगिं के निर्माण की संभावनाएं तलाशने का आश्वासन दिया।
सांसद अनुराग ठाकुर ने हमीरपुर में आयुर्विज्ञान महाविद्यालय प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त किया।
प्रदेश को और अधिक बड़ी परियोजनाएं मिलेंगी : धूमल
इस मौके पर पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर, विधायक नरेंद्र ठाकुर, विधायक सुभाष ठाकुर, विधायक राजेंद्र गर्ग, विधायक कमलेश कुमारी, पूर्व विधायक बलदेव शर्मा, विजय अग्निहोत्री, जिला के भाजपा अध्यक्ष अनिल ठाकुर, अतिरिक्त
मुख्य सचिव बीके अग्रवाल, डॉ. श्रीकांत बाल्दी, निदेशक मेडिकल शिक्षा डॉ. अशोक शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने हिमाचल प्रदेश को विभिन्न विकासात्मक पहलों के लिए उदार सहायता प्रदान करने के लिए भारत सरकार का धन्यवाद व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सदैव प्रदेश की मांगों पर विचार किया है और निकट भविष्य में प्रदेश को और अधिक बड़ी परियोजनाएं प्रदान की जाएंगी।