सहकारिता आंदोलन की शुरुआत करने वाला हिमाचल आज सबसे पीछे: सीएम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी जिले की सहकारी सभाओं के उत्थान के लिए 90 करोड़ रुपये की राशि खर्च करने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन की शुरुआत हिमाचल ने की थी, लेकिन इस क्षेत्र में बाकी राज्य आगे निकल गए हैं।
हिमाचल सबसे पीछे रह गया है। सरकार इस क्षेत्र में फोकस बढ़ाने जा रही है। उन्होंने कहा कि मिल्क प्लांट चक्कर का 33 करोड़ से जीर्णोद्धार कर क्षमता को 20 हजार से दोगुना कर 40 हजार लीटर किया जाएगा। सीएम 65वें अखिल भारतीय सहकारी समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मिल्क प्लांट चक्कर में आयोजित समारोह में सहकारी क्षेत्र से जुड़े सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर सीएम ने कहा कि सहकारिता का अर्थ साथ चल कर आगे बढ़ना और सामूहिक विकास के लिए कार्य करना है।
उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में हिमाचल बहुत पीछे रह गया है जबकि, कर्नाटक, महाराष्ट्र राज्य कोऑपरेटिव सेक्टर में बहुत आगे निकल गए हैं। वर्तमान में सहकारिता कै क्षेत्र में बहुत ज्यादा कार्य करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि बेरोजगार लोगों को रोजगार देने के लिए कोऑपरेटिव सबसे ज्यादा कार्य कर सकता है। चक्कर मिल्क प्लांट का शुभारंभ 1971 में इंडो जर्मन की ओर से किया गया था और प्रोजेक्ट की क्षमता 10,000 लीटर थी।
वर्ष 1998 में यह क्षमता 20,000 लीटर कर दी गई। लेकिन अब 33 करोड़ की मदद से ऑटोमेटिक प्लांट यहां पर लगाया जाएगा और इसकी क्षमता 40,000 लीटर से अधिक कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि कोऑपरेटिव सेक्टर को हमने अपने पहले ही बजट में भारी सब्सिडी दी है। इसके बावजूद भी लोग कोऑपरेटिव सेक्टर से क्यों नहीं जुड़ रहे हैं, यह चिंता का विषय है।
‘एयरपोर्ट बल्ह में नहीं तो कहीं और सही, लेकिन बनेगा जरूर’
बल्ह पहुंचने पर सीएम ने विरोधियों को चेताते हुए कहा ‘अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसलिए मैं चाहता हूं कि यह बल्ह में बने। इसमें विपक्ष कई बाधाएं डाल रहा है।’ उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट पूरा होकर रहेगा। इसके लिए चाहे इसे बल्ह के बजाय किसी और जगह ही क्यों नहीं बनाना पड़े।
उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी का सहयोग जरूरी है। एयरपोर्ट का सर्वे हो चुका है। हम पूरा सहयोग कर रहे हैं। वहीं, केंद्र सरकार से भी इसके लिए पूरा सहयोग मिल रहा है।
उन्होंने बल्ह क्षेत्र के लोगों से एक बार फिर से सहयोग की अपील करते हुए इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इसमें विस्थापन होगा जो बहुत ही बड़ा बलिदान होता है।
लेकिन कुछ पाने के लिए कुछ न कुछ खोना पड़ता है। इस मौके पर उन्होंने विपक्ष पर भी जमकर प्रहार किए। उन्होंने कहा कि विपक्ष जिस प्रकार से बच्चे खिलौनों से खेलते हैं, उसी प्रकार से मुद्दों से खेल रहे हैं। हर दो दिन के बाद सरकार को घेरने का नया मुद्दा ढूंढते रहते हैं।