सीएम जयराम ठाकुर: रोपवे से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर, दुर्गम पंचायतों का संपर्क सुगम होगा
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि अभी तक केंद्र में रोप वे से संबंधित महकमा ही नहीं था। हिमाचल सरकार ने करीब आठ माह पहले एक बैठक की, जिसमें पता चला कि 70 फीसदी पंचायतें सड़क मार्ग से नहीं जुड़ी हैं।
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हिमाचल को अब देश के मानचित्र पर चमकाने की तैयारी है। प्रदेश के दुर्गम क्षेत्र में रह रहे लोगों की राह सुगम बनाने के लिए हिमाचल सरकार ने रोप वे का सहारा लिया है। जिन क्षेत्रों में सड़कें नहीं बन सकतीं, वहां रोप वे के सहारे ग्रामीण पंचायतों में रहने वाले लोगों का जीवन स्तर सुधारा जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सक्रियता दिखाई तो केंद्र सरकार ने भी हामी भरी और एक नए विभाग का गठन कर दिया। मुख्यमंत्री के क्षेत्र से इस पहले रोप वे की शुरुआत होगी। वहीं बिजली महादेव के रोप वे में खुद प्रधानमंत्री मोदी का भी रुझाने देखने को मिल रहा है।
चंडीगढ़ में चुनिंदा संपादकों से बातचीत में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि अभी तक केंद्र में रोप वे से संबंधित महकमा ही नहीं था। हिमाचल सरकार ने करीब आठ माह पहले एक बैठक की, जिसमें पता चला कि 70 फीसदी पंचायतें सड़क मार्ग से नहीं जुड़ी हैं। जब कारण तलाश किया तो पता चला कि दो बड़े कारण हैं। एक तो घने जंगलों की वजह से फॉरेस्ट क्लियरेंस के मामले फंसे हैं। दूसरा कई जगह सड़क पहुंचाने में समय और पैसा अधिक खर्च होगा, जबकि प्रयोग करने वाले कम हैं। व्यवहारिकता न होने के कारण लोगों का मुख्य धारा से जुड़ाव नहीं हो पा रहा था।
जिसके बाद हमने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री से पत्र लिखकर प्रदेश में कुछ स्थानों पर रोप वे बनाने की इजाजत दिए जाने की गुजारिश की है। यदि पर्यावरण और पैसा बचाना है तो लोगों को आवागमन के लिए यह सुविधा देनी जरूरी है। जिसके बाद केंद्र सरकार ने इस ओर ध्यान दिया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पिछले दिनों हिमाचल आए तो हमारी उम्मीद जगी और हमने उन्हें साइट दिखाई, लेकिन वे बोले की यह महकमा मेरे पास नहीं है।
अब जाकर केंद्र सरकार ने रोप वे कार्पोरेशन बनाया है, जिसके बाद यह काम नाबार्ड को सौंपा है। मेरा हलका देश का पहला हलका है, जिसकी फंडिंग नाबार्ड से होगी। इस परियोजना में सारा खर्च केंद्र का होगा। करीब 50 करोड़ से हमने यहां नींव पत्थर लगाया है। 800 मीटर का यह हाईवे मंडी के पंडोह से बगलामुखी तक हाईवे से लोगों को जोड़ेगा। खर्च अधिक है, लेकिन मेंटेनेंस का खर्च ज्यादा नहीं है।
पीएम का रुझान देख दिखा रहे सक्रिय भागीदारी
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में तीन से चार रोपवे के लिए हम और प्रस्ताव बनाकर भेज रहे हैं। जिसमें एक बिजली महादेव है। यहां प्रधानमंत्री खुद पैदल चलकर गए थे। वे भी पूछते रहते हैं कि कब तक बन रहा है। प्रधानमंत्री के रुझान को देखते हुए हम भी इस कार्य में सक्रिय भागीदारी दिखा रहे हैं।
प्रधानमंत्री को बुलाने की तैयारी
सीएम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कनेक्टिविटी ऐसी कर देंगे कि देश-विदेश से आने वाले लोग दाद देंगे। मंडी और संजौली से संपर्क बढ़ा रहे हैं। डेढ़ साल में कीरतपुर से मनाली पंडोह से कुल्लू तक 6 टनल तैयार होने वाले हैं। मंडी से कुल्लू जाने में डेढ़ घंटा लगता है। यह रास्त 40 मिनट का हो जाएगा। यहां हम प्रधानमंत्री की विजिट की तैयारी कर रहे हैं।