जनसभा के दौरान भावुक हुए सीएम जयराम, वार्ता का दिया निमंत्रण
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जंजैहली एसडीएम दफ्तर विवाद को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एक बार फिर भावुक हो गए। रविवार को लंबाथाच में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने खुले मंच से फिर जंजैहली वासियों को मामला सुलझाने के लिए वार्ता का निमंत्रण दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने से नुकसान ही होगा इसलिए मिल-बैठकर समस्या का हल निकालें। सीएम ने कहा कि वह जंजैहली एसडीएम कार्यालय को लेकर जंजैहली वासियों द्वारा किए गए प्रदर्शन से आहत हैं। छोटी सी बात को लेकर इस हद तक जंजैहली के लोगों का सड़क पर उतरना समझ से परे है।
शैटाधार में एक रात तंबू में गुजारेंगे जयराम
उन्होंने कहा कि मुझे व्यक्तिगत रूप से इस प्रकरण से पीड़ा हुई है। जयराम ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में अपने लोगों द्वारा ऐसा करना दिल में चोट कर गया है।
मुख्यमंत्री ने लंबाथाच की जनसभा में एक बार फिर से दोहराया कि जिंदाबाद और मुर्दाबाद के नारे सुनने के लिए वह मानसिक रूप से तैयार हैं।
मुर्दाबाद के नारे सुनकर उन्हें कोई नुकसान नहीं होने वाला है। उन्हें जंजैहली एसडीएम कार्यालय के लिए दोषी ठहराया जा रहा है लेकिन यह निर्णय कोर्ट का था और उसके अनुसार ही उन्होंने काम किया है।
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि वह गर्मियों में धार्मिक स्थल शैटाधार आएंगे और एक रात तंबू में गुजारेंगे।
सीएम ने कहा कि शिकारी देवी, कमरूनाग, शैटाधार और देव तुंगासी समेत क्षेत्र के पर्यटन स्थलों को धार्मिक पर्यटन के साथ इको टूरिज्म से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है।