महीने में दस शिकायतकर्ताओं से बात करेंगे सीएम जयराम
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अब महीने में एक बार ई-समाधान के जरिये समस्या या शिकायत दर्ज कराने वालों से मन की बात करेंगे। लोगों की समस्याओं का वास्तविक हल निकालने के लिए सरकार नई पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री खुद महीने में एक बार कम से कम दस ऐसे शिकायतकर्ताओं से बात करेंगे, जिनकी शिकायत का निस्तारण हो गया है।
इसमें ई-समाधान के अलावा इंटरनेट से जुड़े अन्य माध्यम जैसे ई-मेल और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर बने राइट टू सीएम पर आई शिकायतों पर खास ध्यान दिया जाएगा। जयराम सरकार की ओर से यह कवायद इसलिए शुरू की जा रही है क्योंकि ऐसी शिकायतें मुख्यमंत्री कार्यालय को मिल रही थी जिसमें शिकायत का निस्तारण ग्राउंड पर तो नहीं हुआ लेकिन पोर्टल पर उनकी शिकायत बंद कर दी गई।
दरअसल, अफसर अपने पास से दूसरे अधिकारी को शिकायत भेज उसके निस्तारण की रिपोर्ट भेज देते थे। इसके अलावा कुछ मामलों में शिकायत पर कार्रवाई शुरू करने के साथ ही क्लोजर रिपोर्ट दे दी जाती थी जबकि शिकायत का निस्तारण ही नहीं होता था। ऐसे में इन शिकायतों को देखते हुए निस्तारण में गुणवत्ता के लिए मुख्यमंत्री ने खुद कमान अपने हाथ में लेने की तैयारी की है।
मुख्यमंत्री कार्यालय बनाएगा फीडबैक रिपोर्ट
मुख्यमंत्री भले ही महीने में एक बार चंद शिकायतकर्ताओं से बात करेंगे लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय महीने भर ई-समाधान में आने वाली शिकायतों को रैंडम आधार पर चयनित कर दर्ज कराने वालों से बातचीत कर फीडबैक लेगा।
इसी फीडबैक की एक रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार किशोर शर्मा ने बताया कि अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर एक प्रयास किया जा रहा है। प्रयोग सफल रहा तो स्थायी तौर पर सरकार के किसी भी महकमे में आने वाली शिकायत के निस्तारण का फीडबैक लेने के लिए ढांचा तैयार किया जाएगा।
7699 शिकायतों का हो चुका है निस्तारण
दरअसल, ई-समाधान पोर्टल पर हर महीने हजारों की संख्या में शिकायतें आती हैं। इन शिकायतों को जन शिकायत निवारण प्रकोष्ठ संबंधित विभाग को भेज देता है। अभी तक शिकायत के निस्तारण पर फीडबैक नहीं लिया जाता था, जिसकी वजह से निस्तारण पर सवाल उठते थे।
वर्तमान सरकार में भी अब तक आई दस हजार से ज्यादा शिकायतों में से 7699 का निस्तारण होने का दावा किया गया है। अब सरकार की कोशिश है कि जिस शिकायत का निस्तारण हो, उसके शिकायतकर्ता को हर हाल में संतुष्ट किया जाए ताकि सरकार के प्रति उसका विश्वास बढ़ सके।