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प्रदेश के जंगलों में जल शेड बनाए वन विभाग: सीएम जयराम

Sat, 04 Aug 2018 07:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 04 Aug 2018 07:02 PM IST
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Cm jairam thakur attended meeting with forest officers

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि वन प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण और आजीविका सुधार योजना पर 800 करोड़ खर्च होंगे। उन्होंने वन विभाग को प्रदेश के वनों में तालाब बनाने के निर्देश भी दिए। कहा कि हरित क्षेत्र बढ़ाने को विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उत्साह और समर्पण से कार्य करें। जाइका वन्य परियोजना प्रदेश के छह जिलों में 10 वर्ष के लिए चलेगी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की विकासात्मक परियोजनाओं को स्वीकृति देने के भी निर्देश दिए।

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वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि बंदरों की नसबंदी को विशेष अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने शनिवार को वन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कैंपा के अंतर्गत प्रदेश में तालाब निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। कहा कि इससे वनों में नमी रहेगी और इन्हें आग से सुरक्षित रखा जा सकेगा। तालाबों का निर्माण सही आकलन के बाद ऐसे स्थानों पर किया जाए, जहां लोगों को इसका अधिक लाभ हो।
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उन्होंने योजना तैयार करने और विशेषज्ञों की सहायता से प्रथम चरण में लगभग पांच जल शेड तैयार करने को कहा। कहा कि प्रदेश में वन विभाग की बाहरी सहायता से चार प्रमुख परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। इनमें वन प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण और आजीविका सुधार के लिए 800 करोड़ रखे हैं। 665 करोड़ के निवेश से वन समृद्धि परियोजना पांच साल के लिए कार्यान्वित की जाएगी।
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प्रदेश में लैंटाना उन्मूलन को हिमाचल वन इको सिस्टम क्लाइमेट कंट्रोल प्रूफिंग परियोजना कार्यान्वित की जा रही है। प्रदेश में 700 करोड़ की एकीकृत विकास परियोजना सात वर्षों के लिए कार्यान्वित की जा रही है। अतिरिक्त मुख्य सचिव वन तरुण कपूर ने बताया कि विभाग ने तीन साल में प्रदेश के 601 स्थानों पर 86,186 लोगों को शामिल कर 17.54 लाख पौधे रोपे हैं। इस दौरान एसीएस श्रीकांत बाल्दी, अनिल खाची, प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन अजय कुमार आदि मौजूद रहे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने गुणवत्ता और उचित निगरानी प्रक्रिया सुनिश्चित बनाने को पौधरोपण के मापदंडों से हटाकर नर्सरी के लिए अलग बजट प्रावधान किया है। उन्होंने नर्सरियों के उचित रखरखाव को बाड़ लगाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विभाग को वनों में आग की घटनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए महिला मंडलों और स्वयं सहायता समूहों को शामिल कर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

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