मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत समेत इन्होंने छोड़ी राशन की सब्सिडी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राशन पर सब्सिडी छोड़ने का फैसला लिया है। साथ ही सभी मंत्रियों ने राशन पर सब्सिडी छोड़ने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने यह बात बजट भाषण के दौरान कही।
उन्होंने हिमाचल के एपीएल उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि यदि वे भी उपदानों को स्वेच्छा से छोड़ना चाहते हैं, तो खाद्य आपूर्ति विभाग को अपना विकल्प भेज सकते हैं।
सीएम ने कहा कि हिमाचल में भारत सरकार उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को रसोई गैस उपलब्ध कराई जा रही है। हिमाचल सरकार ने भी हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना आरंभ करने का फैसला लिया है।
इस योजना के तहत उन महिलाओं को रसोई गैस सिलेंडर की जमा राशि और गैस चूल्हा के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी, जिन्हें उज्ज्वला योजना का फायदा नहीं मिला हो। सीएम ने कहा कि गृहिणी साधारण शब्द है, लेकिन इसका अर्थ गहरा है।
सारा गृह जिसका ऋणी है, वहीं गृहिणी है। जयराम ने कहा कि हिमाचल देश का पहला राज्य बनेगा, जहां प्रदेश के सभी परिवारों को यह सुविधा होगी। इस योजना के लिए सरकार ने 12 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया है।
इसके लिए दो साल का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि खाद्य उपदान योजना के तहत उपभोक्ताओं को 3 दालें, 2 लीटर तेल, और एक किलो नमक दिया जा रहा है।
विधायक निधि को 15 लाख बढ़ाया
सरकार ने विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज करने के लिए विधायक निधि में 15 लाख की बढ़ोतरी की है। विधायक क्षेत्र विकास निधि को 1.10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.25 करोड़ करने की घोषणा मुख्यमंत्री ने बजट में की है।
पिछली सरकारें भी लगभग बजट में निधि को बढ़ाने की घोषणाएं करती रही हैं, जिस परंपरा को जयराम सरकार ने बढ़ाया है। सरकार ने इसके साथ विधायकों की विवेक अनुदान राशि को दो लाख रुपये बढ़ा दी है। विकास अनुदान पहले पहले 5 लाख रुपये था जिसे अब बढ़ाकर 7 लाख कर दिया है।