सीएम जयराम का अफसरों को 100 दिन का अल्टीमेटम, कहा- कोताही बर्दाश्त नहीं
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शपथ लेने के बाद से एक्शन मोड में आए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नए साल के पहले ही दिन अफसरों पर नकेल कस दी है। उन्होंने नौकरशाहों और विभागाध्यक्षों को सभी लंबित काम 100 दिन में निपटाने का अल्टीमेटम दिया है।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि पिछली सरकार में सिर्फ श्रेय लेने के लिए घोषणाएं और शिलान्यास हुए हैं। ऐसे तमाम कार्य अगले तीन माह में पूरे करें और साथ ही अगले लक्ष्य निर्धारित कर रिपोर्ट दें।
मुख्यमंत्री ने सचेत किया कि कामकाज की रफ्तार तेज करने के साथ-साथ सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस नीति रहेगी। भ्रष्टाचार की शिकायत पर सरकार कोई नरमी नहीं बरतेगी। अफसरशाही को नजरिया बदलते हुए केंद्र पोषित योजनाओं को गंभीरता से लेना होगा।
कहा- ढर्रे पर चली आ रही व्यवस्था अब नहीं चलेगी
केंद्र पोषित योजनाओं का शतप्रतिशत क्रियान्वयन समयबद्ध होना है, इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। सीएम ने स्पष्ट किया कि केवल उद्घाटन और शिलान्यास हमारा उद्देश्य नहीं है। पुरानी सरकार की परंपरा से बाहर निकलकर काम पूरा करें।
विकास प्रचार से नहीं, धरातल पर दिखना चाहिए। जयराम ठाकुर ने सोमवार शाम चार बजे विभागों के सचिवों और विभागाध्यक्षों की सचिवालय सभागार में सरकार की प्राथमिकताओं पर बैठक ली।
बैठक में उन्होंने चिंता जताई कि मौजूदा समय में विकास योजनाओं पर बेहद धीमी गति से काम हो रहा है। सरकार अफसरों को पूर्ण सहयोग देगी, लेकिन उन्हें अपने काम की औसत बढ़ानी होगी। ढर्रे पर चली आ रही व्यवस्था अब नहीं चलेगी। 100 दिन आपके पास हैं।
तैयार करना होगा प्लान
हर विभाग के अधिकारियों को लंबित कार्यों को पूरा करने के साथ भविष्य में किन योजनाओं को लागू किया जा सकता है, इसका प्लान तैयार करना है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों को इस प्लान की प्रेजेंटेशन देनी है और लक्ष्य को पूरा करके दिखाना है।
बैठक मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री की अपेक्षा अनुरूप परिणाम दिया जाएगा। अगले कुछ दिनों में ग्राउंड जीरो पर काम होता नजर आएगा।
इस अवसर पर आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह, ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. राजीव सैजल के अलावा प्रधान सचिव मुख्यमंत्री मनीषा नंदा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
पीएम से मांगा बेलआउट पैकेज
कर्ज में डूबे प्रदेश को उबारने के लिए नए मुख्यमंत्री ने कवायद शुरू कर दी है। जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदेश की आर्थिक स्थिति से अवगत कराते हुए बेलआउट पैकेज की मांग की है।
आर्थिक सहायता के लिए वह वित्त मंत्री अरुण जेटली से भी मिले। उन्होंने प्रदेश के लिए विभिन्न विकास योजनाओं के लिए वित्तीय सहयोग मांगा है। नए साल के पहले दिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि हिमाचल पर करीब 46500 करोड़ रुपये का कर्ज है।
पूर्व कांग्रेस सरकार ने बिना बजट के धड़ाधड़ उद्घाटन और शिलान्यास किए। कई गैर जरूरी तैनातियां कीं। पिछली सरकार लोन लेने की लिमिट को पहले ही पार कर चुकी है।
ऐसे में कर्ज के चक्रव्यूह को तोड़ने के साथ ही प्रदेश के विकास कार्यों को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए केंद्र से मदद मांगी गई है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। बेलआउट पैकेज के लिए पीएम ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।