चंबा का सियूल प्रोजेक्ट एनएचपीसी को देने पर विचार: जयराम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि चंबा का सियूल-एक प्रोजेक्ट एनएचपीसी को देने का मामला विचाराधीन है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न परियोजनाओं का निर्माण समयबद्ध सुनिश्चित करेगी।
बुधवार को आशा कुमारी ने प्रश्नकाल में सवाल किया कि चंबा जिले में सियूल नदी पर वर्तमान में कितने प्रोजेक्टों पर काम चला हुआ है? इन परियोजनाओं की क्षमता क्या है और ये कब लागू होंगे?
इस पर ऊर्जा विभाग देख रहे सीएम ने कहा कि इनमें से आठ परियोजनाएं डीपीआर स्टेज पर हैं। चंबा में सियूल खड्ड पर 11 मिनी और माइक्रो जलविद्युत परियोजनाएं आवंटित की गई हैं। चंबा में सियूल-एक परियोजना का 50 फीसदी काम हो चुका है।
स्थानीय लोगों का सहयोग नहीं मिलने के कारण इस प्रोेजेक्ट का काम पूरा करने में दिक्कत आ रही है। आशा कुमारी ने एनएचपीसी को प्रोजेक्ट देने के लिए सवाल किया तो सीएम बोले कि इस संभावना पर विचार करेंगे।
हिमाचल का जलविद्युत परियोजनाओं में बड़ा योगदान, मगर लागत बढ़ी
सीएम बोले - ये बात सच है कि एक वह दौर था, जब हिमाचल ऊर्जा राज्य बन गया था। ये दौर तेजी से आगे बढ़ा। उस दौर का लाभ भी लिया। देश में जलविद्युत का ऊर्जा उत्पादन में 45 हजार मेगावाट में से हिमाचल का अकेला 11 हजार मेगावाट का योगदान है।
हिमाचल में 27 हजार मेगावाट की दोहन क्षमता है, मगर इसमें कठिनाई पेश आ रही है। यह एक चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्टों को बनाने की लागत भी लगातार बढ़ रही है। एक मेगावाट की लागत 15 करोड़ रुपये पहुंच गई है।
सीएम ने किया तंज, प्रोजेक्टों में बहुत बड़ा योगदान झंडे वालों का
सीएम ने सदन में तंज किया कि प्रोजेक्टों में बहुत बड़ा योगदान झंडे वालों का भी रहा है। कोई लाल झंडा है तो कोई और। ये रोक देते हैं। उन्होंने माकपा विधायक राकेश सिंघा की कुर्सी की ओर इशारा किया - ये दिखे नहीं मुझे। उस वक्त सिंघा अपनी सीट पर नहीं थे।