Himachal: 12 दिन से टेंटों में रह रहे 37 आपदा प्रभावित परिवार, सीएम मिलने पहुंचे तो छलक गए आंसू
शाहपुर दौरे पर जा रहे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सोमवार दोपहर 2:15 बजे भटियात विधानसभा क्षेत्र के सिहुंता उपमंडल के ककरोटीघट्टा के कारघाट गांव पहुंचे। भारी बारिश से हुए भूस्खलन से घर क्षतिग्रस्त होने के बाद 37 परिवार 12 दिन से टेंटों में रह रहे हैं।
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हिमाचल प्रदेश के शाहपुर दौरे पर जा रहे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सोमवार दोपहर 2:15 बजे भटियात विधानसभा क्षेत्र के सिहुंता उपमंडल के ककरोटीघट्टा के कारघाट गांव पहुंचे। भारी बारिश से हुए भूस्खलन से घर क्षतिग्रस्त होने के बाद 37 परिवार 12 दिन से टेंटों में रह रहे हैं। बारिश के बीच छाता लेकर जैसे ही मुख्यमंत्री पहुंचे और बात करने लगे तो महिलाओं के आंसू छलक गए। बीना देवी पत्नी सुंका राम, स्वर्णा देवी पत्नी देसराज ने बताया कि खेतीबाड़ी कर परिवार का गुजारा करते हैं। घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, खेत बह गए हैं। टेंटों में रह रहे हैं। कैसे गुजारा होगा। हमारे भविष्य के बारे में भी सोचा जाए। बुजुर्ग स्वर्णा देवी अपनी व्यथा सुनाते-सुनाते भावुक हो उठीं। रुंधे गले से उन्होंने मुख्यमंत्री से फिर से आशियाना बसाने के लिए उपयुक्त जमीन और उचित मुआवजा देने की गुहार लगाई। सीएम ने प्रभावितों को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। टेंट में रह रहे प्रभावितों के बच्चों को मुख्यमंत्री ने चॉकलेट भी दिए।
जिला चंबा के कारघाट गांव में बीते 18 अगस्त को भारी बारिश से हुए भूस्खलन से कई घर क्षतिग्रस्त हो गए थे। कई लोगों के मकानों में दरारें आ गई हैं। प्रशासन और विधायक बिक्रम जरयाल ने उनके घर तो खाली करवा दिए, लेकिन अभी 37 परिवार टेंटों में रह रहे हैं। ककरोटी घट्टा में बनाए अस्थायी बेस कैंप में हटली, थुलेल, बलाना और काकरोटी पंचायतों के प्रभावित रह रहे हैं। सीएम ने कहा कि केंद्र की टीम हिमाचल में मानसून सीजन में हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंची है। सोमवार सुबह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात हुई है। गृह मंत्री ने उन्हें प्रभावितों को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है। अभी भी बरसात का मौसम जारी है। सभी को एहतियात बरतने की जरूरत है। लोग बेवजह घरों से न निकलें। किसी भी प्रकार की प्राकृतिक हानि होने पर तुरंत शासन-प्रशासन को बताएं। दोपहर 2:45 बजे मुख्यमंत्री कांगड़ा के लिए रवाना हो गए।