हिमाचल प्रदेश: ई-मेल को गंभीरता से न लेने पर सीएम जयराम ने अफसरों को लगाई फटकार
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने योजनाओं के लाभार्थियों, मुख्यमंत्री की घोषणाओं, रोजगार सृजन तथा ई-मेल में निर्धारित लक्ष्यों एवं प्रगति की समीक्षा बैठक में अफसरों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि अधिकारी मुख्यमंत्री कार्यालय से आने वाले ई-मेल को गंभीरता से लें। सभी विभागों को केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं के लक्ष्यों तथा प्रगति का डाटा 20 अक्तूबर तक हिम प्रगति पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
सीएम ने कहा कि अपलोड किया जाने वाला डाटा भारत सरकार के निर्धारित प्रपत्र के अनुरूप होना चाहिए। राज्य में विभिन्न योजनाओं के 21,18,661 से अधिक लाभार्थी हैं। सरकार का लक्ष्य हर लाभार्थी से सीधे तौर पर जुड़ना है। कुछ विभागों की शिथिलता पर मुख्यमंत्री ने कड़ा संज्ञान लिया और सौंपे गए दायित्व को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। कहा कि यदि किसी विभाग को डाटा अपलोड करने में कोई दिक्कत है तो एनआईसी अथवा सचिव सामान्य प्रशासन का सहयोग लिया जा सकता है।
उन्होंने मुख्य सचिव को निरंतर समीक्षा करने के आदेश दिए। बैठक में बताया गया कि 65 से 70 प्रतिशत मुख्यमंत्री की घोषणाओं को पूरा कर लिया गया है। शेष की प्रक्रिया जारी है। इसकी अगली समीक्षा दिसंबर में होगी। बैठक में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल और प्रशासनिक सचिव उपस्थित थे।
साढ़े तीन लाख को मिला रोजगार
बैठक में बताया कि राज्य में लगभग 3.50 लाख लोगों को सरकारी और आठ लाख को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है। बहुत से लोगों को स्वरोजगार के अवसर दिए गए हैं। बताया गया कि हर वर्ष बेरोजगारों की सूची में बढ़ोतरी हो रही है। मुख्यमंत्री ने विभागों को रोजगार व स्वरोजगार के अधिक अवसर सृजित करने को कहा। उन्होंने परिवहन, उद्योग व शिक्षा विभाग को अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करने को कहा। मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत 75 करोड़ खर्च कर 770 लोगों को अधिकतम 30 लाख तक वित्तीय सहायता स्वरोजगार के लिए दी जा सकती है।
हर विधानसभा क्षेत्र में तैयार हो तीन हेलीपैड
मुख्यमंत्री ने कहा कि चंबा के होली से खच्चर रास्ते के निर्माण की संभावना का पता लगाया जाए। इसका निर्माण कार्य वन विभाग करे। बड़ा भंगाल क्षेत्र, सिरमौर के हरीपुरधार हेलीपैड को बड़े हेलीकॉप्टर के उतरने के लिए तैयार करने और हर विस क्षेत्र में कम से कम तीन बड़े स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जहां हेलीकॉप्टर उतारा जा सके।