सूखे से निपटने को हरकत में हिमाचल सरकार, मैराथन बैठक आज
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सूबे में सूखे से निपटने के लिए जयराम सरकार एक्शन मोड में आ गई है। अमर उजाला ने शनिवार के अंक में विशेष पेज पर किसानों-बागवानों को हुए नुकसान और हिमाचल के अन्नदाता की पीड़ा जिलेवार बताई थी।
मुख्यमंत्री ने अब स्थिति की संवेदनशीलता को भांपते हुए विभिन्न विभागों की मैराथन बैठक बुला ली है। आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि मंगलवार की बैठक के लिए उन्होंने तमाम अधिकारियों से पेयजल और सिंचाई के स्रोतों की मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट मांगी है।
जनवरी महीने में बारिश और बर्फबारी न होने से हिमाचल सूखे की चपेट में आ गया है। राज्य के राजस्व, कृषि, बागवानी और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य महकमे इस पर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
राजस्व महकमा खुद सीएम के पास है जबकि कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य तथा बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर हैं। राजस्व महकमा सभी डीसी के माध्यम से सूखे से हुए नुकसान की रिपोर्ट एकत्र कर रहा है।
बागवानी क्षेत्र में व्यापक नुकसान की आशंका है, जिसको देखते हुए विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री के साथ सूखे पर होने वाली समीक्षा बैठक में अब तक हुए नुकसान और हालात से निपटने के लिए तैयारियों पर मंथन होगा।
वहीं कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा ने बताया कि उन्होंने सभी अधिकारियों से सोमवार दोपहर बाद तक ही रिपोर्ट मंगवा ली थी। उन्होंने दोपहर बाद कृषि अधिकारियों के साथ मंत्रणा की। मंगलवार को इन सभी मसलों पर विस्तार से चर्चा होनी है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सूखे की स्थिति को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। जिलों में डीसी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। दो दिन पहले सूखे और पीलिया के हालात को लेकर आईपीएच मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के साथ एक बैठक की थी। इस बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को जो दिशा निर्देश दिए हैं, उन पर मंगलवार को रिपोर्ट ली जाएगी।