पंचायत चुनाव ने टाली कर्मचारियों से जुड़ी ये स्कीम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में पंचायत चुनाव ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य देखभाल योजना को आगे टाल दिया है। अब इस योजना के फरवरी महीने में ही लागू होने के आसार हैं। यह स्कीम एक जनवरी से लागू की जानी थी, मगर आदर्श चुनाव आचार संहिता के कारण इसे फिलहाल स्थगित करना पड़ा है। इस योजना का लाभ लगभग डेढ़ लाख अस्थायी कर्मचारियों, एकल महिलाओं और बुजुर्गों को दिया जाना है।
इस योजना के तहत संबंधित लोगों को अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा दी जानी है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस योजना की घोषणा वित्त वर्ष 2015-16 के बजट भाषण में की थी। इसे 1 जनवरी 2016 से लागू किया जाना था। इस योजना में दो गैर सरकारी क्षेत्र की श्रेणियों को भी कवर किया जा रहा है।
इन कर्मचारियों को भी हेगा फायदा
ये श्रेणियां एक नारियां और 80 साल की आयु से अधिक के सभी बुजुर्ग हैं। इनके अलावा अस्थायी कर्मचारियों में सभी अनुबंध कर्मचारियों, आंगनबाड़ी वर्करज, सहायिकाओं, सरकारी अस्पतालों में इनका पौने दो लाख रुपये तक के उपचार का व्यय मुफ्त उठाया जाएगा।
इसके अलावा अस्पताल आने-जाने का खर्च भी इस योजना में देय होगा। प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक डा. हंसराज शर्मा का कहना है कि पंचायत चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण मुख्यमंत्री स्वास्थ्य देखभाल योजना को आगे टालना पड़ा है। अब यह फरवरी में ही लागू होगी।