मंत्री को विपक्षी विधायकों से घिरता देख ढाल बने सीएम, पढ़ें पूरा मामला
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कांग्रेस विधायकों के मंत्री के जवाब से असंतोष जताने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मोर्चा संभालते हुए इन भवनों के निर्माण में देरी होने की बात को स्वीकार करते हुए कहा कि अगर पंचायत निर्माण कार्य करने में सक्षम न हुई तो पीडब्ल्यूडी या अन्य एजेंसी से भी इन भवनों के निर्माण का काम कराया जा सके, इसके लिए विचार किया जाएगा।
इससे पहले पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने जवाब दिया कि मार्च 2020 से पहले हर विधानसभा क्षेत्र में एक लोक भवन का निर्माण किया जाएगा। विपक्ष के विधायक काजल ने पंचायतों की क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब विधायक निधि का पैसा खर्च नहीं हो पाता तो वह इस काम को कैसे कर पाएंगी। नयनादेवी से विधायक रामलाल ठाकुर ने कहा कि उन्होंने अपनी निधि से पैसा दे दिया लेकिन इसके बाद भी अब तक काम नहीं शुरू हो सकता।
तीन साल बाद गिर जाता है पंचायत का लेंटर: डॉ. बिंदल
इस पर पहले तो कंवर ने बात संभालने का प्रयास करते हुए कहा कि समयबद्ध तरीके से काम कराया जाएगा। आठ विधानसभा क्षेत्रों में जगहें भी चिह्नित कर ली गई हैं और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
साथ ही क्षेत्र विशेष में डिजाइन में बदलाव किया जा सकता है। मुख्यमंत्री लोकभवन योजना के तहत सूबे के हर विधानसभा क्षेत्र में 31 मार्च 2020 से पहले एक लोकभवन बनकर तैयार हो जाएगा। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
साथ ही तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए कुछ नए दिशा निर्देश भी जारी कर दिए हैं। कंवर ने कहा कि विभाग ने इनके निर्माण के लिए कई तरह के मानदंड तय कर पहले ही पंचायतों को भेज दिए हैं।
मंत्री वीरेंद्र कंवर जब कांग्रेस विधायकों के सवालों का जवाब दे रहे थे तो विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने भी इशारा कर कहा - तीन साल बाद पंचायत का लेंटर गिर जाता है।