सीएम का पलटवार, कहा मंत्री पद छोड़ना है तो छोड़ दें
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सरकार के भीतर और बाहर विरोधियों पर पलटवार किया है। जीएस बाली के इस्तीफे की धमकी पर पूछे एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यदि कोई मंत्री पद छोड़ना चाहे तो छोड़ सकता है।
प्रदेश कांग्रेस सरकार पर इसका कोई असर नहीं पड़ने वाला। प्रदेश सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। मुख्यमंत्री बुधवार को सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के भीतर कोई विरोध नहीं है। सीपीएस राजेश धर्माणी के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि यह घर का मामला है। इसे सुलझा लिया गया है। भाजपा के इस आरोप को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया कि प्रदेश सरकार नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल पर राजनीतिक द्वेष से प्रेरित होकर कार्रवाई कर रही है।
प्रेम कुमार धूमल ने की द्वेष की राजनीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस चार्जशीट के आधार पर ये कार्रवाई की जा रही है। चार्जशीट तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष जीएस बाली थे। प्रदेश में द्वेष की राजनीति प्रेम कुमार धूमल ने शुरू की थी।
उन्होंने दो बार मुझे फंसाने की कोशिश की। सीएम ने कहा कि किसी अफसर को नहीं फंसाया जा रहा है। केवल उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जो गलत हैं।
आईपीएस की तैनाती को सही ठहराया
मुख्यमंत्री ने दिल्ली में आवासीय आयुक्त के पद पर आईपीएस अधिकारी एपी सिंह की तैनाती को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार आवासीय आयुक्त के पद पर आईपीएस की तैनाती कर चुकी हैं। यह काडर का नहीं, बल्कि स्केल का मामला होता है।