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गुड न्यूज! मामूली ब्याज पर 35 हजार का कर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 24 Jul 2014 11:46 AM IST
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महिलाओं को लघु उद्योग के लिए दिए जाने वाले ऋण 35 हजार की धनराशि पर 4 प्रतिशत की दर से ब्याज वसूला जाएगा और इससे अधिक ऋण राशि 6 प्रतिशत की ब्याज दर पर दी जाएगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने राष्ट्रीय और राज्य महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही।
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सीएम ने कहा कि महिलाएं समाज की महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उन्हें आदर और सम्मान प्राप्त करने का अधिकार है। प्रदेश सरकार ने महिलाओं को पुरुष वर्ग के बराबर दर्जा देने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक परिवेश में सम्मानजनक स्थान देने के मकसद से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने पंचायती राज संस्थानों तथा शहरी स्थानीय निकाय में इन्हें 50 प्रतिशत के आरक्षण की सुविधा प्रदान की है। इनकी समस्याओं और संबंधित मुद्दों पर विचार के लिए अगस्त 2013 में महिला कल्याण बोर्ड का गठन किया है।
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मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि को 21 हजार से बढ़ाकर 25 हजार किया गया है। होस्टलों का निर्माण किया गया है। महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य कर रही गैर सरकारी संस्थाओं को बढ़ावा देने के लिए ‘हिल विकास प्रोत्साहन योजना’ चल रही है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि समाज में महिलाओं के प्रति अब सोच बदल रही है, जिससे महिलाओं और पुरुषों के बीच अंतर समाप्त हो रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने अपने विचार रखते हुए महिलाओं की शिक्षा पर जोर दिया।
सम्मेलन में प्रधान सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता आरडी धीमान, राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य हेमलता खरिया और नमिता रोशन, प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष जैनब चंदेल, खंड कांग्रेस समिति की अध्यक्ष अनीता शर्मा, श्यामा डोगरा आदि मौजूद रहीं।
किसानों को कर्ज के लिए नहीं जाना पड़ेगा बैंक
हिमाचल प्रदेश के किसानों को अब ऋण लेने के लिए बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक शोघी शाखा के चार ग्राहकों को ‘रुपे केसीसी डेबिट कार्ड’ देकर इस योजना का शुभारंभ किया।
हिमाचल राज्य सहकारी बैंक देशभर में यह रुपे कार्ड आरंभ करने वाला पहला बैंक बना है। योजना के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लोगों की सुविधा के लिए दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में बैंक की ओर से शाखाएं खोलने की आवश्यकता है।
‘रुपे केसीसी डेबिट कार्ड’ किसानों के लिए बेहद लाभप्रद है। इस सेवा के आरंभ होने से किसान, बागवान, कृषि और बागवानी संबंधी आवश्यक वस्तुओं की खरीददारी जरूरतें आसानी से पूरी होंगी। उन्हें बैंकों में भी नहीं जाना पड़ेगा।
बैंक प्रबंधन की ओर से बताया गया कि बैंक की चार नई शाखाएं बिलासपुर के गोलथाई, सिरमौर के गट्टाधार, चंबा के राजनगर और शिमला के मांदल में खोली जाएंगी। इससे पहले बैंक की ओर से हर्ष महाजन ने मुख्यमंत्री को वर्ष 2012-13 के लिए 21,65,760 रुपये की राशि के लाभांश का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 51 लाख रुपये का चेक भी मुख्यमंत्री को दिया।