बादल फटने से भारी तबाही, पशुशाला बही, घरों में घुसा पानी
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हिमाचल में सोमवार रात और मंगलवार को भारी बारिश के चलते कई क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। कांगड़ा के देहरा उपमंडल में बादल फटने से घियोरी, बढल ठोर, बरवाड़ा, चनौर और इसके साथ लगती पंचायतों में काफी नुकसान हुआ है।
बाढ़ से एक पशुशाला ढह गई है। लोगों के घरों में पानी और मलबा घुस गया। दर्जनों लोगों की फसलें तबाह हो गई हैं। सोमवार रात को करीब दो घंटे मूसलाधार बारिश हुई इस बारिश के कारण ढलियारा-डाडासीबा सड़क मार्ग करीब छह घंटे बंद रहा।
पशुशाला का एक हिस्सा बहाव से ढह गया
स्थानीय देवेंद्र सिंह, रमेश चंद, विक्रमजीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, विजय कुमार आदि ने बताया कि बादल फटने के कारण बरवाडा और फलवाड़ा के जंगल मे मंदिर के करीब बताया जा रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक देर रात करीब 12 बजे के बाद यकायक पानी जंगल की तरफ से बरवाड़ा पंचायत के कुछ घरों में घुस गया। इससे देशराज पुत्र प्रकाश चंद निवासी बरवाड़ा की पशुशाला का एक हिस्सा बहाव से ढह गया।
इसके अलावा सड़क के दूसरी तरफ के घरों में भी बारिश का मलवा घुस गया। लोगों का कहना है कि कुछ के खेतों की फसलें मलबे से पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं।
मुख्य मार्ग छह घंटे बाधित रहा
वहीं, ढलियारा-डाडासीबा मुख्य मार्ग तकरीबन छह घंटे बाधित रहा। भारी बारिश से सड़क का तकरीबन 200 मीटर रास्ता छह फुट की खाई में तबदील हो चुका है। यातायात को सुचारू करने के लिए मौके पर स्थानीय यातायात पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
लेकिन मुश्किल से रास्ता दोपहर तक कुछ हद तक ही बन पाया। गांव घियोरी के वार्ड नंबर 5 में बाढ़ का पानी पशुशाला में घुस गया है। इस कारण वार्ड नंबर पांच की घियोरी में इंदरजीत सिंह, विक्रमजीत सिंह पशुशाला को खतरा बना हुआ है।
पंचायत उपप्रधान मुकेश और परागपुर पंचायत समिति अध्यक्ष शोभा रानी ने कहा घियोरी गांव के वार्ड नंबर पांच के करीब तीन दर्जन घरों का संपर्क मुख्य सड़क से कट गया है।
पेड़ गिरे, कई इलाकों में बिजली गुल
पिछले दो-तीन दिन से हो रही बारिश का असर एक बार फिर दिखना शुरू हो गया है। बारिश के चलते कई क्षेत्रों में पेड़ गिर गए, जिसके चलते कई इलाकों में बिजली गुल हो गई।
वहीं हारचक्कियां-धारकलां सड़क पर कई जगह भूस्खलन होने के कारण स्कूल-कालेज जाने वाले छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जबकि कांगड़ा शहर पूरी रात अंधेरे में डूबा रहा। नूरपुर में भी किसानों की भूमि, फसलें तबाह हुई हैं। तीन मवेशी भी बाढ़ की चपेट में आए हैं।