सचिवालय के पास दृष्टिहीन संगठन और पुलिस में झड़प
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हिमाचल दृष्टिहीन संगठन और पुलिस के बीच मंगलवार शाम को सचिवालय के पास झड़प हो गई। मुख्यमंत्री से हुई बातचीत में सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलने पर प्रदर्शनकारी भड़क गए। पुलिस जब उन्हें मौके से हटाने लगी तो संगठन के सदस्य चक्का जाम करने पर अड़ गए।
इस दौरान पुलिस के साथ काफी देर तक धक्कामुक्की हुई। प्रदर्शनकारी मांगों के पूरा नहीं होने तक सचिवालय के बाहर ही प्रदर्शन करने की मांग पर अड़ गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से उन्हें अनशन के लिए स्थान उपलब्ध करवाने की मांग की है।
संघ के अध्यक्ष शोभू राम ने पुलिस पर दृष्टिहीनों से मारपीट करने का आरोप लगाया है। मंगलवार को विभिन्न मांगों को लेकर राज्य दृष्टिहीन संगठन ने सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। ओल्ड बस स्टैंड से लेकर सचिवालय तक रैली निकालकर संगठन ने छोटा शिमला में बस स्टॉप के पास प्रदर्शन किया।
दोपहर बाद संगठन के पदाधिकारियों को बातचीत के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में बुलाया गया। बैठक सकारात्मक नहीं रहने पर भड़के संगठन के पदाधिकारी बाहर आकर चक्का जाम करने की कोशिश करने लगे।
इस दौरान पुलिस के साथ झड़प हो गई। संगठन के अध्यक्ष शोभू राम ने कहा कि सभी सरकारें हमारी मांगों की अनदेखी करती आई हैं। अगर बुधवार को प्रस्तावित मंत्रिमंडल की बैठक में मांगों को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
यह हैं मांगें
- आईआरडीपी-बीपीएल में शामिल करने के लिए पंचायत कोरम पूरा होने की शर्त हटाई जाए।
- तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के रिक्त दृष्टि बाधित कोटे के 300 पदों के लिए भर्ती शुरू की जाए।
- दृष्टिहीन जब तक बेरोजगार है, तब तक सरकार कम से कम 3000 रुपये मासिक बेरोजगारी भत्ता दे।
- अंशकालिक जलवाहक के पदों पर नियुक्त दृष्टिहीनों को पांच वर्ष में नियमित किया जाए।
- दृष्टिहीन पद के लिए ब्रेल आवश्यक की जाए। बिना शर्त निशुल्क बस पास की सुविधा दी जाए।
- पुराने एवं नए सभी दिव्यांगों के दिव्यांगता प्रमाणपत्रों की जांच कैमरे के सामने होनी चाहिए।
सीएम का काफिला आता देख रोके प्रदर्शनकारी
शिमला। ओल्ड बस स्टेंड से हाईकोर्ट होते हुए सचिवालय जा रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने शिल्ली चौक के पास रोक लिया। ओक ओवर से मुख्यमंत्री का काफिला होटल मरीना की ओर जा रहा था। ऐसे में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की नारेबाजी बंद करवाते हुए कुछ देर के लिए रोक दिया। सीएम का काफिला गुजरने के बाद प्रदर्शनकारियों को सचिवालय की ओर जाने दिया।