कोटशेरा कॉलेज में एसएफआई और एबीवीपी कार्यकर्ता भिड़े, दो दर्जन घायल
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राजधानी शिमला के कोटशेरा कॉलेज परिसर और परिसर के बाहर एसएफआई व एबीवीपी कार्यकर्ताओं में हुई भिड़ंत में दो छात्र घायल हो गए। पुलिस ने मारपीट में शामिल दो एबीवीपी कार्यकर्ताओं को पकड़ा है। इन्हें मेडिकल के लिए दोपहर बाद डीडीयू अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस मारपीट की इन घटनाओं की छानबीन कर रही है। पुलिस के मुताबिक मारपीट में शुभम और पवन को सिर और बाजू पर चोटें आई हैं। पुलिस ने एबीवीपी के पितांबर और रजनीश को इस मामले में पकड़ा है।
पुलिस इन्हें मेडिकल करवाने अस्पताल ले गई ताकि पता लगाया जा सके कि इन्होंने कहीं नशा तो नहीं किया था। प्राचार्य डॉ. पीके सलारिया ने माना कि पहली घटना दोपहर करीब डेढ़ बजे कॉलेज परिसर में हुई।
इसमें एबीवीपी और एसएफआई के कार्यकर्ता आपस में पुलिस की मौजूदगी में भिड़ गए। इसमें डंडों का भी प्रयोग हुआ। इसके बाद छात्र संगठनों के कार्यकर्ता चौड़ा मैदान के पास फिर लड़ पड़े।
अनुशासन समिति भी कर रही जांच: डॉ. सलारिया
एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ताओं के बीच तनातनी देखते हुए प्रशासन ने कैंपस में सोमवार से ही पुलिस को परिसर में बुला दिया था। करीब डेढ़ बजे हुए पहले टकराव के समय पुलिस ने बीचबचाव कर लिया था।
प्राचार्य के पास सोमवार को बीएससी के एक छात्र नरेश ने एबीवीपी के कुछ कार्यकर्ताओं के नाम के साथ उसे धमकाने की शिकायत थी। वहीं मंगलवार को एक छात्रा ने परिसर में कुछ छात्रों पर बदतमीजी करने का आरोप लगाते प्राचार्य से शिकायत की थी।
इसी तनातनी के चलते मंगलवार को एबीवीपी और एसएफआई के बीच दो बार झगड़ा हो गया। प्रधानाचार्य डॉ. पीके सलारिया ने बताया कि उनके पास दो शिकायतें आई थीं। लेकिन जो शिकायतकर्ता छात्र था, वही मारपीट में संलिप्त पाया गया है।
शिकायत में रैगिंग जैसी कोई बात नहीं कही गई है। प्राचार्य ने कहा कि मारपीट की घटना की जांच पुलिस कर रही है। इसलिए कॉलेज की अनुशासन समिति दोनों शिकायतों और इसके बाद के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।