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आईजीएमसी में सीटी स्कैन मशीन खराब, मरीज परेशान
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City scan machin stop working in IGMC
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मशीन का इंजेक्टर और एसी का पार्ट खराब होने से टेस्ट के लिए रिपन भेजे जा रहे मरीज
रोजाना होते हैं करीब 50 मरीजों के टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) के रेडियोलॉजी विभाग में सीटी स्कैन मशीन खराब हो गई है।
मरीजों को ढाई किलोमीटर दूर डीडीयू अस्पताल टेस्ट करवाने के लिए आना पड़ रहा है। ऐसे में प्रदेशभर से इलाज के लिए आए मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में रोजाना हजारों की तादाद में मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। इनमें जिन मरीजों के सिर, छाती, पीठ या शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें लगी हों उन्हें चिकित्सक सीटी स्कैन टेस्ट के लिए लिखते हैं।
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक रेडियोलॉजी विभाग में मशीन में लगे इंजेक्टर वाला पार्ट नहीं चल रहा है। इसके अलावा मशीन का एसी पार्ट भी खराब पड़ा है। मंगलवार को भी मरीजों को टेस्ट न होने से भारी परेशानी झेलनी पड़ी। ऐसे में सिर, पीठ, छाती और पेट के सीटी स्कैन करवाने के लिए मरीजों को करीब ढाई किलोमीटर दूर डीडीयू आना पड़ा। इनमें सबसे अधिक परेशानी चोटिल मरीजों को पेश आ रही है।
आईजीएमसी में रोजाना 40 से 50 मरीजों के टेस्ट होते हैं। ऐसे में अब टेस्ट न होने से मरीजों को अस्पताल में भटकना पड़ रहा है। आईजीएमसी प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मशीन में आई खराबी को दुरुस्त करवाया जा रहा है।
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फोन करके ही आएं टेस्ट करवाने
अस्पताल में रूटीन में टेस्ट करवाने वाले मरीज सबसे अधिक परेशान हो रहे हैं। मशीन न चलने से विभाग ने मरीजों को फोन नंबर दिया है। कहा है कि मशीन के ठीक होने की जानकारी फोन पर लेने के बाद ही अस्पताल आएं।
सीटी स्कैन के लिए मिलती है लंबी डेट
आईजीएमसी में सीटी स्कैन टेस्ट करवाने के लिए मरीजों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में रोजाना सैकड़ों की तादाद में मरीज सिर, छाती और पीठ का सीटी स्कैन करवाने के लिए आते हैं लेकिन इन मरीजों को चिकित्सकों द्वारा डेट देकर टेस्ट के लिए बुलाया जाता है। मरीजों को एक से डेढ़ महीने तक की डेट मिलती है।
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रोजाना होते हैं करीब 50 मरीजों के टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) के रेडियोलॉजी विभाग में सीटी स्कैन मशीन खराब हो गई है।
मरीजों को ढाई किलोमीटर दूर डीडीयू अस्पताल टेस्ट करवाने के लिए आना पड़ रहा है। ऐसे में प्रदेशभर से इलाज के लिए आए मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में रोजाना हजारों की तादाद में मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। इनमें जिन मरीजों के सिर, छाती, पीठ या शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें लगी हों उन्हें चिकित्सक सीटी स्कैन टेस्ट के लिए लिखते हैं।
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक रेडियोलॉजी विभाग में मशीन में लगे इंजेक्टर वाला पार्ट नहीं चल रहा है। इसके अलावा मशीन का एसी पार्ट भी खराब पड़ा है। मंगलवार को भी मरीजों को टेस्ट न होने से भारी परेशानी झेलनी पड़ी। ऐसे में सिर, पीठ, छाती और पेट के सीटी स्कैन करवाने के लिए मरीजों को करीब ढाई किलोमीटर दूर डीडीयू आना पड़ा। इनमें सबसे अधिक परेशानी चोटिल मरीजों को पेश आ रही है।
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आईजीएमसी में रोजाना 40 से 50 मरीजों के टेस्ट होते हैं। ऐसे में अब टेस्ट न होने से मरीजों को अस्पताल में भटकना पड़ रहा है। आईजीएमसी प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मशीन में आई खराबी को दुरुस्त करवाया जा रहा है।
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फोन करके ही आएं टेस्ट करवाने
अस्पताल में रूटीन में टेस्ट करवाने वाले मरीज सबसे अधिक परेशान हो रहे हैं। मशीन न चलने से विभाग ने मरीजों को फोन नंबर दिया है। कहा है कि मशीन के ठीक होने की जानकारी फोन पर लेने के बाद ही अस्पताल आएं।
सीटी स्कैन के लिए मिलती है लंबी डेट
आईजीएमसी में सीटी स्कैन टेस्ट करवाने के लिए मरीजों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में रोजाना सैकड़ों की तादाद में मरीज सिर, छाती और पीठ का सीटी स्कैन करवाने के लिए आते हैं लेकिन इन मरीजों को चिकित्सकों द्वारा डेट देकर टेस्ट के लिए बुलाया जाता है। मरीजों को एक से डेढ़ महीने तक की डेट मिलती है।