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नशा तस्करों और भ्रष्टाचारियों पर सीआईडी की नजर, कसेगा शिकंजा
Tue, 16 Jul 2019 01:19 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 16 Jul 2019 01:19 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
हिमाचल का गुप्तचर विभाग यानी अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) चिट्टा तस्करों के पीछे पड़ गया है। इंटरसेप्शन कमेटी की बैठक में यह जांचा गया कि सीआईडी ने किस-किसके फोन टैप किए गए हैं।
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मुख्य सचिव बीके अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पिछले तीन महीने के कार्यकाल में सीआईडी की ओर से टैप किए गए टेलीफोनों नंबरों की समीक्षा की गई। इसमें दो वरिष्ठ प्रशासनिक सचिवों ने भी भाग लिया।
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सूत्रों ने बताया कि अधिकतर फोन चिट्टा तस्करों, एनडीपीएस अपराधियों और भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के टैप किए जा रहे हैं। इन्हें टैप करने के बारे में बाकायदा गृह सचिव से अनुमतियां ली गई हैं।
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पूर्व में विवादित रह चुकी फोन टैपिंग
हिमाचल प्रदेश में टेलीफोन नंबरों की टैपिंग पूर्व में विवादित रह चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस बारे में एक मामला भी दर्ज कराया था। उस वक्त सीआईडी के प्रमुख आईडी भंडारी थे। हालांकि, बाद में गलत तरीके से फोन टैप करने की बात कोर्ट में साबित नहीं हुई। इस विवादित मामले को पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी ने हाल ही में छपी अपनी एक किताब में भी उजागर किया है।