हिमाचल सरकार ने गैर हिमाचली मुलाजिमों को दिया बड़ा झटका
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हिमाचल में कार्यरत गैर हिमाचली अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों को सूबे में मकान बनाने के लिए जमीन खरीदने को छूट नहीं मिलेगी। सरकार ने हाल ही में छूट देने के आदेश पर रोक लगा दी है।
हिमाचल के लोगों के विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। सरकार ने नई अधिसूचना जारी कर फिर से पुरानी व्यवस्था लागू कर दी है इसके तहत घर के लिए जमीन केवल वही अधिकारी या कर्मचारी खरीद सकेंगे जो तीस साल से अधिक समय से यहां सेवाएं दे रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म्स रूल्स 1975 जोकि साल 2012 तक समय-समय पर संशोधित हुए हैं, उनमें नियम 38 ए के तहत तीसरे अनुच्छेद के सब रूल 2 में शर्त बी कहती है कि घर बनाने के लिए 150 से 500 वर्ग मीटर जमीन दी जा सकती है।
सरकार ने इसलिए बदला फैसला
यह जमीन वे अधिकारी या कर्मचारी खरीद सकते हैं जो हिमाचल में 30 साल से अधिक समय से रह रहे हों और संबंधित स्थानीय निकाय ने इसे इजाजत देने की सिफारिश की हो।
इन्हीं नियमों में संशोधन करने की मांग बड़ी संख्या में गैर हिमाचली कर्मचारियोें ने की। उन्होंने अपने बच्चों के लिए भी यह छूट मांगी। राज्य सरकार के कुछ शीर्ष अधिकारियों ने इस नियम को संशोधित कर गैर हिमाचलियों के बच्चों को जमीन खरीदने की छूट दे दी।
इसका हिमाचल की विभिन्न संस्थाओं और संगठनों ने सोशल मीडिया पर जमकर विरोध किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप पर इस आदेश को वापस ले लिया है। इससे गैर हिमाचली अधिकारियों और कर्मचारियों को एक तरह से झटका लगा है।
संशोधन को फिलहाल रोक दिया गया
राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है कि इस संशोधन को फिलहाल रोक दिया गया है। केवल गैर हिमाचली अधिकारी और कर्मचारी ही 30 साल की सेवा के बाद घर बनाने के लिए तय 500 वर्ग मीटर से कम जमीन खरीदने के हकदार रहेंगे।
उन्होंने मांग की कि अगर किन्हीं कारणवश वे खुद घर के लिए जमीन खरीदने की स्थिति में न हों तो उस स्थिति में उनके बच्चों को इसकी छूट दी जाए। राज्य सरकार के कुछ शीर्ष अधिकारियों ने इस नियम को संशोधित करने की मुहिम शुरू की।
जयराम ठाकुर ने गंभीर मंत्रणा के बाद पूरे मामले मेें हस्तक्षेप किया
यह लगभग तय कर लिया गया कि 30 साल से अधिक समय कार्यरत गैर हिमाचली अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों को जमीन खरीदने के लिए आवेदन करने की छूट दे दी जाए, मगर इस पर हिमाचल प्रदेश की कई संस्थाओं और संगठनों ने सोशल मीडिया पर हाय-तौबा मचा लिया और धारा 118 में छेड़छाड़ तक की बात की। हालांकि ये मामला धारा 118 में छेड़छाड़ के बजाय भू सुधार नियम में संशोधन का था।
इस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गंभीर मंत्रणा के बाद पूरे मामले मेें हस्तक्षेप करते हुए यह तय किया है कि फिलहाल इस मुहिम को विराम दे दिया जाए। इससे गैर हिमाचली अधिकारियों और कर्मचारियों को एक तरह से झटका लगा है। राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है कि इस संशोधन को फिलहाल रोक दिया गया है। केवल गैर हिमाचली अधिकारी और कर्मचारी ही 30 साल की सेवा के बाद घर बनाने के लिए तय 500 वर्ग मीटर से कम जमीन खरीदने के हकदार रहेंगे।