समारोहों में तीन घंटे से ज्यादा नहीं रुकेंगे बच्चे, सरकार ने जारी की अधिसूचना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल में अब बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य समारोहों के लिए तीन घंटे से ज्यादा नहीं रोका जा सकेगा। प्रदेश सरकार ने बाल श्रम नियमों को कड़ा कर दिया है। नए नियमों में कार्यक्रम के दौरान बच्चों को विश्राम देना भी अनिवार्य किया गया है।
किसी भी कला की प्रस्तुति के लिए बच्चे तीन ही घंटे रहेंगे। इसमें विश्राम भी शामिल होगा। बच्चों के कार्यक्रमों के लिए आयोजकों को उपायुक्त से अनुमति लेनी होगी।
प्रधान सचिव श्रम एवं रोजगार ने बाल श्रम अधिनियम के नए नियमों की अधिसूचना जारी कर दी है। नई व्यवस्था के लिए हिमाचल सरकार ने हिमाचल प्रदेश बाल श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) संशोधन नियम 2018 अधिसूचित किए हैं।
नए नियम के अनुसार स्कूलों में जब पढ़ाई चरम पर हो तो उस दौरान भी बच्चों को कार्यक्रम में भाग लेने के लिए नहीं कहा जाएगा। इसके अतिरिक्त शाम सात बजे से लेकर सुबह आठ बजे तक बच्चे कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति नहीं देेंगे।
आयोजक को करना होगा इन नियमों का पालन
हिमाचल में अकसर स्कूली बच्चे धार्मिक और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। इससे पहले बच्चों को कार्यक्रमों में प्रस्तुति देने के लिए कोई नियम नहीं थे।
- बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए सुविधाएं सुनिश्चित करना
- पोषक आहार और स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था
- दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना
- यौन अपराध सुरक्षा
- पांच बच्चों के लिए एक उत्तरदायी व्यक्ति की नियुक्ति
- समारोह में अर्जित आय में से कम से कम 20 फीसदी राशि बालक के नाम पर बैंक में जमा करनी होगी