{"_id":"6650a86af5ad3857dc071e6c","slug":"children-of-st-thomas-school-performed-belly-dance-in-the-function-shimla-news-c-19-sml1001-355489-2024-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: सेंट थॉमस स्कूल के बच्चों ने \nसमारोह में किया बैली डांस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: सेंट थॉमस स्कूल के बच्चों ने समारोह में किया बैली डांस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूल की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम आयोजित
डायोसिस ऑफ अमृतसर के प्रमुखों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के सेंट थॉमस स्कूल में शुक्रवार को स्कूल की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान डायोसिस ऑफ अमृतसर (सीएनआई) के प्रमुख एवं बिशप मोस्ट रेवरेंड डॉ. प्रदीप कुमार सामंतराय ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप जलाकर की गई। इसके बाद स्कूल के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक नृत्य, बैली डांस की प्रस्तुतियां दीं। सभागार में मौजूद दर्शकों ने विद्यार्थियों की सराहना की। शिक्षकों ने भजन गाकर लोगों का मनोरंजन किया। इस अवसर पर सेंट थॉमस विद्यालय की प्रधानाचार्या विधुप्रिया चक्रवर्ती ने स्कूल की 100 वर्षों की यात्रा और विकास की जानकारी दी।
वर्ष 1912 में हुई शुरुआत, 1924 में बोर्ड से जुड़ा स्कूल
सेंट थॉमस चर्च की स्थापना 1912 में हुई थी उस समय सेंट थॉमस चर्च के परिसर में बालिकाओं के लिए शिक्षा की शुरुआत की गई थी। इस चर्च भवन की आधारशिला भारत के तत्कालीन वाइसरॉय राइट हॉनररेबल लॉर्ड हार्डिंग ने 29 जून 1912 को रखी थी। शुरू में इसे प्राइमरी स्कूल के रूप में चलाया गया था। इसके बाद 1924 में पंजाब शिक्षा बोर्ड के साथ जोड़कर इसे हाई स्कूल के रूप में स्थापित किया। 1971 में हिमाचल को राज्य का दर्जा दिया गया तो स्कूल हिमाचल प्रदेश बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के साथ जुड़ गया था। वर्तमान में सेंट थॉमस स्कूल की प्रधानाचार्य विधुप्रिया विधुप्रिया चक्रवर्ती हैं जो 2007 से स्कूल में सेवाएं दे रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
डायोसिस ऑफ अमृतसर के प्रमुखों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के सेंट थॉमस स्कूल में शुक्रवार को स्कूल की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान डायोसिस ऑफ अमृतसर (सीएनआई) के प्रमुख एवं बिशप मोस्ट रेवरेंड डॉ. प्रदीप कुमार सामंतराय ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप जलाकर की गई। इसके बाद स्कूल के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक नृत्य, बैली डांस की प्रस्तुतियां दीं। सभागार में मौजूद दर्शकों ने विद्यार्थियों की सराहना की। शिक्षकों ने भजन गाकर लोगों का मनोरंजन किया। इस अवसर पर सेंट थॉमस विद्यालय की प्रधानाचार्या विधुप्रिया चक्रवर्ती ने स्कूल की 100 वर्षों की यात्रा और विकास की जानकारी दी।
विज्ञापन
वर्ष 1912 में हुई शुरुआत, 1924 में बोर्ड से जुड़ा स्कूल
सेंट थॉमस चर्च की स्थापना 1912 में हुई थी उस समय सेंट थॉमस चर्च के परिसर में बालिकाओं के लिए शिक्षा की शुरुआत की गई थी। इस चर्च भवन की आधारशिला भारत के तत्कालीन वाइसरॉय राइट हॉनररेबल लॉर्ड हार्डिंग ने 29 जून 1912 को रखी थी। शुरू में इसे प्राइमरी स्कूल के रूप में चलाया गया था। इसके बाद 1924 में पंजाब शिक्षा बोर्ड के साथ जोड़कर इसे हाई स्कूल के रूप में स्थापित किया। 1971 में हिमाचल को राज्य का दर्जा दिया गया तो स्कूल हिमाचल प्रदेश बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के साथ जुड़ गया था। वर्तमान में सेंट थॉमस स्कूल की प्रधानाचार्य विधुप्रिया विधुप्रिया चक्रवर्ती हैं जो 2007 से स्कूल में सेवाएं दे रही हैं।
विज्ञापन