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चॉकलेट-चिप्स खाकर 52.5 फीसदी बच्चों का बढ़ा वजन
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चॉकलेट-चिप्स खाकर 52.5 फीसदी बच्चों का बढ़ा वजन
डेंटल कॉलेज की डॉ. रीतिका शर्मा ने शहर के निजी स्कूलों के बच्चों पर किया शोध
सम्मेलन में शोधपत्र पढ़ा, पहला स्थान हासिल किया
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। चॉकलेट और चिप्स खाकर शहर के स्कूली बच्चों ने अपना वजन बढ़ा लिया है। राजकीय दंत महाविद्यालय एवं चिकित्सालय की डेंटल कॉलेज की डॉ. रीतिका शर्मा ने किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ में आयोजित सम्मेलन में शोधपत्र पढ़कर यह जानकारी दी। इस शोध पत्र को लेकर उन्हें पहला पुरस्कार भी मिला है। डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशु गुप्ता ने उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी है।
इंडियन सोसायटी ऑफ पीडोडोंटिक्स एंड प्रीवेंटिव डेंटिस्ट्री की ओर से यह सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें देश के दो हजार डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। राजकीय दंत महाविद्यालय एवं चिकित्सालय की डॉ. रीतिका शर्मा ने कोरोना महामारी में 5 से 12 साल के 349 बच्चों की लाइफ स्टाइल पर शोध किया था। इनमें चैल्सी, ऑकलैंड, ताराहॉल और डीएवी स्कूल के अलावा दांतों के इलाज के लिए आने वाले मरीज शामिल किए गए। डॉक्टर ने बताया कि कोरोना के समय बच्चों की लाइफ स्टाइल में बदलाव आया है।
शहर के 52.5 फीसदी बच्चों ने टीवी देखने के दौरान चाकलेट और चिप्स का सेवन किया। जंक फूड के अधिक सेवन से उनका वजन बढ़ा है। 34.5 फीसदी बच्चों में गुस्सा और चिड़चिड़ापन की समस्या भी मिली है। बच्चों में स्क्रीन टाइम की अवधि भी बढ़ी है। इनमें बच्चों ने कार्टून और वीडियो देखकर अपना समय बिताया है। डॉ. रीतिका शर्मा ने बताया कि उन्होंने पीडियाट्रिक्स एंड प्रीवेटिव डेंटिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा ठाकुर का सहयोग रहा। विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा ठाकुर ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में डेंटल कॉलेज की डॉक्टर का इस स्तर पर प्रथम आने से कॉलेज का नाम प्रदेश स्तर तक चमका है।
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डेंटल कॉलेज की डॉ. रीतिका शर्मा ने शहर के निजी स्कूलों के बच्चों पर किया शोध
सम्मेलन में शोधपत्र पढ़ा, पहला स्थान हासिल किया
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। चॉकलेट और चिप्स खाकर शहर के स्कूली बच्चों ने अपना वजन बढ़ा लिया है। राजकीय दंत महाविद्यालय एवं चिकित्सालय की डेंटल कॉलेज की डॉ. रीतिका शर्मा ने किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ में आयोजित सम्मेलन में शोधपत्र पढ़कर यह जानकारी दी। इस शोध पत्र को लेकर उन्हें पहला पुरस्कार भी मिला है। डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशु गुप्ता ने उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी है।
इंडियन सोसायटी ऑफ पीडोडोंटिक्स एंड प्रीवेंटिव डेंटिस्ट्री की ओर से यह सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें देश के दो हजार डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। राजकीय दंत महाविद्यालय एवं चिकित्सालय की डॉ. रीतिका शर्मा ने कोरोना महामारी में 5 से 12 साल के 349 बच्चों की लाइफ स्टाइल पर शोध किया था। इनमें चैल्सी, ऑकलैंड, ताराहॉल और डीएवी स्कूल के अलावा दांतों के इलाज के लिए आने वाले मरीज शामिल किए गए। डॉक्टर ने बताया कि कोरोना के समय बच्चों की लाइफ स्टाइल में बदलाव आया है।
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शहर के 52.5 फीसदी बच्चों ने टीवी देखने के दौरान चाकलेट और चिप्स का सेवन किया। जंक फूड के अधिक सेवन से उनका वजन बढ़ा है। 34.5 फीसदी बच्चों में गुस्सा और चिड़चिड़ापन की समस्या भी मिली है। बच्चों में स्क्रीन टाइम की अवधि भी बढ़ी है। इनमें बच्चों ने कार्टून और वीडियो देखकर अपना समय बिताया है। डॉ. रीतिका शर्मा ने बताया कि उन्होंने पीडियाट्रिक्स एंड प्रीवेटिव डेंटिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा ठाकुर का सहयोग रहा। विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा ठाकुर ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में डेंटल कॉलेज की डॉक्टर का इस स्तर पर प्रथम आने से कॉलेज का नाम प्रदेश स्तर तक चमका है।
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