दस घंटे चला शह-मात का खेल, दो विद्यार्थियों ने दी मात, दो ने खेला ड्रा
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राजधानी शिमला का लालपानी स्कूल शनिवार को बैग फ्री डे पर एक अनोखे खेल का गवाह बना। स्कूल में प्रारंभिक शिक्षा के संयुक्त निदेशक हितेश आजाद ने एक साथ सौ विद्यार्थियों के साथ शह और मात का खेल खेला।
करीब दस घंटे तक चली शतरंज प्रतियोगिता में दो विद्यार्थियों ने संयुक्त निदेशक को मात दी, जबकि दो विद्यार्थियों ने ड्रा खेला। विजेता और ड्रा करवाने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा निदेशालय सोमवार को पुरस्कार देकर सम्मानित करेगा।
लालपानी स्कूल में प्रारंभिक शिक्षा के संयुक्त निदेशक हितेश आजाद को एक साथ सौ विद्यार्थियों ने चुनौती दी। प्रतियोगिता के लिए स्कूल के विभिन्न कमरों, हॉल और कॉरिडोर में शतरंज के सौ बोर्ड मोहरों से सजाए गए। सुबह 10 बजकर 47 मिनट पर शह-मात का दिलचस्प खेल शुरू हुआ। संयुक्त निदेशक ने हर विद्यार्थी के टेबल पर जाकर अपनी चाल चली। रात करीब साढ़े आठ बजे प्रतियोगिता समाप्त हुई।
जमा एक कक्षा के छात्र रोहित और जमा दो कक्षा के मनोज ने संयुक्त निदेशक को मात दी। दसवीं के छात्र साहिल और जमा दो के सोनू नेगी ने मैच ड्रा किया। इनके अलावा जमा एक के छात्र रक्षित और रोहित नेगी ने भी उम्दा प्रदर्शन किया।
हालांकि रक्षित ने मैच नहीं जीता लेकिन, संयुक्त निदेशक ने रक्षित के खेल की खूब सराहना की। प्रतियोगिता के आयोजक राजेश ठाकुर और स्कूल प्रिंसिपल एलआर भारद्वाज ने बताया कि विद्यार्थियों में शतरंज के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए निदेशालय ने प्रदेश में यह पहल की है। विद्यार्थियों में इसको लेकर खासा उत्साह देखा गया।
विजेताओं को को कल प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय पुरस्कार देकर करेगा सम्मानित
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों के लिए खाने-पीने का विशेष बंदोबस्त किया गया। अंत तक प्रतियोगिता में टिके रहे विद्यार्थियों को घर छोड़ने की व्यवस्था भी की गई। उधर, ग्रैंड मास्टर विश्वनाथन आनंद से प्रभावित संयुक्त निदेशक हितेश आजाद ने बताया है शनिवार को आयोजित हुई प्रतियोगिता उनके लिए आसान नहीं रही।
एक चाल चलने के बाद जब उसी टेबल पर वापस लौट कर खेल को दोबारा समझ कर अगली चाल चलनी पड़ी। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों के उत्साह को सराहते हुए इसे अपने जीवन का एक अनोखा अनुभव बताया।
शतरंज की इंटर कॉलेज और इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताएं खेल चुके संयुक्त निदेशक हितेश आजाद ने बताया कि प्रतियोगिता के चयनित सातवीं से लेकर बारहवी कक्षा के सौ विद्यार्थियों में से कइयों की गेम बहुत उम्दा रही। इस कारण ही अधिक समय लगा।