'पुलिस भर्ती में बड़ा घोटाला, वनरक्षक भर्ती में भी धांधली'
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हिमाचल में हाल ही में पूरी ही पुलिस भर्ती पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। विपक्ष ने पुलिस भर्ती समेत वन रक्षकों की भर्ती को भी घपला बताते हुए इसकी जांच की बात कही है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि हाल ही में हुई पुलिस भर्ती में बड़े स्तर पर धांधली हुई है।
भर्ती के नतीजे साक्षात्कार के दिन घोषित करने के बजाय दूसरे दिन सार्वजनिक किए गए। सरकार बताए कि यह नतीजे रात को किसे दिखाए गए। अभ्यर्थियों को दिए गए अंक कच्ची पेंसिल से क्यों लिखे गए? उन्होंने कहा कि भर्ती के पैनल में किसने किस अभ्यर्थी को कितने अंक दिए, यह सार्वजनिक होना चाहिए।
जांच तक पुलिस भर्ती का पूरा रिकॉर्ड सीज किया जाना चाहिए। धूमल वीरवार को मीडिया से रूबरू थे। धूमल ने फारेस्ट गार्ड और माइनिंग गार्ड की भर्तियों में भी गड़बड़ी के आरोप लगाए।
मानसून सत्र में गूंजेगें दोनों मुद्दे
कहा कि भाजपा इन मामलों में आरटीआई से तथ्य जुटा रही है। धूमल ने कहा कि भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था समेत अन्य मुद्दों पर सरकार को विधानसभा के मानसून सत्र में घेरा जाएगा। भाजपा विधायक दल 20 अगस्त को बैठक में रणनीति तय करेगा। धूमल के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती, विधायक वीरेंद्र कंवर, प्रो. राम कुमार और बलवीर बग्गा आदि मौजूद रहे।
100 रुपये दिया बारिश से नुकसान का मुआवजा
धूमल ने आरोप लगाया कि बरसात में हुए नुकसान का सरकार अभी तक आकलन नहीं करवा पाई है। पिछले वर्ष हुए नुकसान की एवज में कइयों को 100 रुपये तक मुआवजा दिया गया जो शर्मनाक है। धूमल ने पांच मेगावाट तक के प्रोजेक्टों के आवंटन में भी गड़बड़ी के आरोप लगाए।
हम तो सुप्रीम कोर्ट तक गए
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के एक बयान पर धूमल ने कहा कि उन्होंने तो सेशन ट्रायल फेस किया, हम तो उनकी ओर से किए गए मुकद्दमों में सुप्रीम कोर्ट तक गए हैं। हमें सीएम की सहानुभूति की आवश्यकता नहीं। उन्होंने कहा कि जो सच्चा होगा, वो साफ निकलेगा।