कसौली गोलीकांड: बहाल करने के बाद सरकार ने चावला को थमाई चार्जशीट
एक महीने तक निलंबित रहे एसपी मोहित चावला को बहाल करने के तीन दिन बाद ही सरकार ने फिर उन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गृह विभाग ने मंडलायुक्त की जांच रिपोर्ट के आधार पर मोहित को चार्जशीट थमा दी है। इसकी पुष्टि अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह बीके अग्रवाल ने की है।
अभी तक गृह विभाग ने निलंबन के एक महीने तक न चावला को बहाल किया और न ही उन्हें चार्जशीट सौंपी थी। चूंकि नियमानुसार एक महीने के अंदर चार्जशीट देना जरूरी होता है, वर्ना निलंबन को वापस लेना पड़ता है।
इसी को देखते हुए सरकार ने एक महीना पूरे होते ही निलंबन को वापस ले लिया। अब चार्जशीट थमाए जाने के बाद फिर आईपीएस बनाम आईएएस की लड़ाई परवान चढ़ सकती है।
दरअसल, कसौली गोलीकांड में आईपीएस अधिकारी मोहित चावला के निलंबन के बाद से आईपीएस व आईएएस अफसरों के बीच तनातनी हो गई थी। आईपीएस एसोसिएशन का कहना था कि होटलों पर कार्रवाई से पहले बुलाई गई डीसी की बैठक में एसपी को बुलाया तक नहीं गया, तो उन्हें निलंबित कैसे किया गया।
यही नहीं, एसोसिएशन ने सवाल किया था कि आखिर क्यों होटल तोड़ने की कार्रवाई के दौरान प्रभारी रहे तत्कालीन एसडीएम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। सूत्रों का कहना है कि चूंकि एसडीएम एक प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी था, ऐसे में उसे बचाने और जनता की नाराजगी व व्यवस्था की विफलता को छिपाने के लिए एसपी व अन्य पुलिस कर्मियों पर गाज गिरा दी गई।
इस एकतरफा कार्रवाई के बाद से आईपीएस अधिकारियों में जबरदस्त नाराजगी थी। हाल में कुछ अधिकारियों ने विभिन्न माध्यमों से सरकार से अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई थी। जिसके बाद सरकार ने विवाद को निपटाने के लिए निलंबन वापस ले लिया। अब चार्जशीट करने के बाद विवाद एक बार फिर तूल पकड़ सकता है।
अब निलंबित डीएसपी को किया बहाल
कसौली कांड में निलंबित एसपी मोहित चावला को 30 जून को बहाल करने के बाद सरकार ने निलंबित डीएसपी रमेश कुमार को बहाल कर दिया है। रमेश कसौली कांड के दौरान एसडीपीओ परवाणू के पद पर तैनात थे। चावला के साथ ही रमेश को भी सरकार ने मंडलायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर निलंबित कर दिया था।
हालांकि निलंबन के बाद भी सरकार ने उन्हें चार्जशीट नहीं दी थी। अब बहाली के बाद रमेश को भी सरकार ने चार्जशीट दे दी है। बता दें, 1 मई को कसौली में अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई के दौरान एक होटल मालिक ने गोली चला दी जिससे महिला टीसीपी अधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई थी।
मामले में पुलिस की बड़ी चूक सामने आने पर सरकार ने 25 मई को एसपी मोहित चावला समेत 14 अधिकारियों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था।