भ्रष्टाचार के मामले में भाजपा सांसद पर आरोप तय, यहां जानिए पूरा मामला
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भ्रष्टाचार के एक मामले में शिमला से भाजपा सांसद वीरेंद्र कश्यप की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला एवं सत्र न्यायालय सोलन की अदालत में उन पर आरोप तय हो गए हैं। स्पेशल जज भूपेंद्र शर्मा की कोर्ट में सांसद वीरेंद्र कश्यप स्वयं मौजूद रहे।
20 अप्रैल 2009 को सोलन के एक होटल में स्टिंग ऑपरेशन के दौरान वीरेंद्र कश्यप पर किसी काम को पूरा करवाने के लिए पैसे लेने के संगीन आरोप लगे थे। इस स्टिंग की सीडी को जनवरी 2010 में जारी किया गया था। मीडिया में मामला खूब उछला।
उस दौरान प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। इस सीडी की सत्यता पर सवाल उठाते हुए कश्यप को क्लीन चिट दे दी गई। आरटीआई कार्यकर्ता देवाशीष भट्टाचार्य ने इस मामले को हिमाचल हाईकोर्ट में उठाया और मामले की दोबारा छानबीन की मांग की।
अगले साल लोस चुनाव, बढ़ेंगी मुश्किलें
स्टेट विजिलेंस को जांच का जिम्मा सौंपा गया। वर्ष 2012 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद जांच में तेजी आई। 2015 में विजिलेंस एवं एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 9 के तहत मामला दर्ज किया।
सुबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर स्पेशल जज भूपेंद्र शर्मा की कोर्ट ने शुक्रवार को आरोप तय कर दिए हैं। उधर, सांसद वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है लेकिन निराधार और राजनीति से प्रेरित है। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। मैं बाईज्जत बरी होकर आऊंगा।
वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव हैं। ऐसे में सांसद वीरेंद्र कश्यप की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को उछाल सकती है तो टिकट के दावेदार कई भाजपाई भी आवाज उठा सकते हैं। भ्रष्टाचार पर पीएम मोदी का कड़ा रुख भारी पड़ सकता है।
पहले भी फंस चुका है भाजपा सांसद
भाजपा का एक सांसद पहले भी पैसों के लेन-देन के आरोप में फंसा है। हमीरपुर से सांसद रहते हुए सुरेश चंदेल पर संसद में सवाल उठाने के एवज में पैसे लेने का आरोप है। ऑपरेशन दुर्योधन के बाद उन पर भी मामला चल रहा है। हाल ही में उन पर भी आरोप तय हो चुके हैं।