फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   charas crop increasing in himachal.

हिमाचल में बढ़ रहा चरस और अफीम की खेती का दायरा

Sat, 07 May 2016 10:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 07 May 2016 10:44 AM IST
विज्ञापन
charas crop increasing in himachal.
चरस और अफीम के लिए देश विदेश में हिमाचल को नशे की राजधानी के रूप में देखा जाने लगा है। - फोटो : अमर उजाला

तमाम दावों के बावजूद हिमाचल में चरस की खेती का दायरा कम होने की बजाय बढ़ता जा रहा है। चरस और अफीम के लिए देश विदेश में हिमाचल को नशे की राजधानी के रूप में देखा जाने लगा है। यहां पर नशे का इस्तेमाल तो बढ़ा ही है।

विज्ञापन


साथ ही नशीले पदार्थ की पैदावार में भी इजाफा हुआ है। प्रदेश के कुल्लू, मंडी, धर्मशाला, कसोल, मनीकरन, बंजार वैली, किन्नौर और अपर शिमला के इलाकों में भांग (चरस) और अफीम खेती हो रही है। प्रदेश में साल 2015 में करीब तीन हजार बीघा भांग की खेती को सीज किया गया।
विज्ञापन


इसी साल 7 बीघा में लगे करीब डेढ़ लाख अफीम के पौधों को सीज किया। जानकारों की मानें तो पुलिस और विभिन्न संगठनों द्वारा साल भर की जाने वाली कार्रवाई कुल नशे के कारोबार के दस फीसदी तक को ही ट्रेस कर पाती है। बाकी नब्बे फीसदी विभिन्न माध्यमों और विभिन्न रूपों में मार्केट में पहुंच जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कुल्लू और मंडी है खेती के गढ़

charas crop increasing in himachal.
कुल्लू घाटी में वर्ष 2014 की तुलना में 2015 में 400 बीघा से अधिक क्षेत्र में भांग की खेती की गई। - फोटो : अमर उजाला

कुल्लू घाटी में वर्ष 2014 की तुलना में 2015 में 400 बीघा से अधिक क्षेत्र में भांग की खेती की गई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार पुलिस, वन विभाग और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने इस दौरान 1603 के मुकाबले 2003 बीघा क्षेत्र से भांग उखाड़ी।

लेकिन संयुक्त प्रयासों के बावजूद इसकी खेती पर रोक नहीं लग पा रही है। कुल्लू जिले में जनवरी से अब तक 46 किलो 643 ग्राम चरस पुलिस के हाथ लगी है। लंबे समय बाद मलाणा क्रीम पुलिस के हत्थे चढ़ी है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि घाटी के लोग फिर नशा उगाने की ओर मुड़ रहे हैं।

यही नहीं, वर्ष 2014 के मुकाबले 2015-16 में चरस भी अधिक मात्रा में पकड़ी गई है। कुल्लू में 2014 में 88 किलो 984 ग्राम, जबकि 2015 और जनवरी 2016 तक 135 किलो 637 ग्राम चरस पुलिस के हत्थे चढ़ी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed