शहर को जाम की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए 24 से 31 दिसंबर तक टूरिस्ट वाहनों की शहर में एंट्री बैन करने से पर्यटन कारोबार को नुकसान के अंदेशे के चलते योजना में फेरबदल किया है। उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने कहा कि शहर में सभी पर्यटन वाहनों की एंट्री नहीं रोकी जाएगी।
बल्कि शहर की पार्किंग फुल होने के बाद विकल्प के तौर पर सैलानी अपनी गाड़ियां टुटीकंडी क्रासिंग पार्किंग में खड़ी कर सकेंगे। पीक टूरिस्ट सीजन के दौरान ट्रैफिक सुचारु रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
चंडीगढ़, धर्मशाला, कुल्लू सहित अन्य स्थानों से शिमला आने वाले पर्यटक टुटीकंडी क्रॉसिंग पार्किंग में अपने वाहन खड़े कर सकते हैं। यहां से एचआरटीसी की बसें नियमित अंतराल पर शिमला शहर की ओर आएंगी। पर्यटक के वाहनों के शिमला शहर में प्रवेश पर कोई पाबंदी नहीं रहेगी।
हिमपात के दौरान ढली सब्जी मंडी में भी गाड़ियां खड़ी करने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। यहां से भी कुफरी के लिए एचआरटीसी की बसें चलाने की योजना है।शिमला के होटल कारोबारियों ने जिला प्रशासन की इस योजना पर कड़ी आपत्ति जताई है। होटल कारोबारियों का कहना है कि टुटीकंडी क्रासिंग में गाड़ी खड़ी कर शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित होटलों तक पहुंचना टूरिस्टों के लिए परेशानी का सबब बन जाएगा।
टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन का कहना है कि जिला प्रशासन को टूरिस्ट सीजन के दौरान शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात के लिए पुलिस की तैनाती बढ़ानी चाहिए न कि शहर में गाड़ियों की एंट्री ही बंद कर दी जानी चाहिए।