हिमाचल: हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी पर चंबा के दो गैर शिक्षकों को नोटिस, 25 सितंबर को निदेशक के समक्ष पेशी
Chamba Education Department Notice: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों की समय पर अनुपालना न होने के मामले में चंबा शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय के दो गैर शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अधीक्षक ग्रेड वन सुनील कुमार और जेओए-आईटी सुतक्ष कपूर पर आरोप है कि संबंधित स्कूलों से मिली बजट की मांग निर्धारित समय पर शिक्षा निदेशालय को नहीं भेजी गई। दोनों को 25 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों की समय पर अनुपालना न होने के मामले में चंबा शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय के दो कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। शिक्षा निदेशालय ने अधीक्षक ग्रेड वन सुनील कुमार और जेओए-आईटी सुतक्ष कपूर से इस मामले में लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। मामला हाईकोर्ट में लंबित दो मामलों से जुड़ा बताया गया है। इन मामलों में रोशन लाल, गणेश दत्त शास्त्री और उत्तम चंद की ओर से अदालत के आदेशों के तहत वित्तीय लाभ समेत संबंधित मामलों के निपटारे की मांग की गई थी।
फरवरी 2025 में दिए गए थे अनुपालना के निर्देश
शिक्षा निदेशालय के अनुसार इन मामलों में हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए चंबा के संबंधित अधिकारियों को फरवरी 2025 में ही आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। निदेशालय के मुताबिक संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्यों की ओर से भी आदेशों की अनुपालना के लिए बजट की मांग भेजी गई थी।
निर्धारित समय पर बजट मांग नहीं भेजने का आरोप
निदेशालय का आरोप है कि चंबा स्थित उपनिदेशक कार्यालय के संबंधित स्तर पर इन बजट मांगों को निर्धारित समय के भीतर शिक्षा निदेशालय को नहीं भेजा गया। शिक्षा निदेशालय ने इस देरी को गंभीरता से लेते हुए माना है कि इससे हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना प्रभावित हुई। साथ ही, इसे उच्च अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों की अनदेखी के रूप में भी देखा गया है।
25 सितंबर को निदेशक के समक्ष होगी पेशी
इसी मामले में दोनों कर्मचारियों से कारण बताओ नोटिस के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्हें 25 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे निदेशक के कार्यालय कक्ष में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। दोनों कर्मचारियों को अपना लिखित पक्ष भी प्रस्तुत करना होगा।
जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो हो सकती है कार्रवाई
नोटिस के अनुसार यदि कर्मचारियों की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है या वे निर्धारित तिथि और समय पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ प्रशासनिक नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है। फिलहाल दोनों कर्मचारियों पर लगाए गए आरोप नोटिस में बताए गए आरोप हैं। अंतिम प्रशासनिक कार्रवाई उनके स्पष्टीकरण और मामले की आगे की प्रक्रिया के बाद तय होगी।