ये किस खतरे से जूझ रहा है छेरना गांव?
मंडी जिला में सड़क निर्माण कार्य के बाद खिसक रही जमीन से बरोट की मुलथान तहसील के छेरना गांव को खतरा पैदा हो गया है। खतरे की जद में इस गांव के करीब आधा दर्जन परिवारों के घर हैं।
बरसात के मौसम में लोगों को किसी बड़े हादसे होने की आशंका है। शनिवार को प्रभावित लोगों ने तहसीलदार मुलथान को इस संदर्भ में लिखित में शिकायत सौंपी।
लोगों ने प्रशासन से इस समस्या का जल्द समाधान करवाने की गुहार लगाई। प्रभावित लोगों ने केयू हाइड्रो प्रोजेक्ट लिमिटेड कंपनी पर लोगों की समस्याओं की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया है।
छेरना निवासी रामधन, नानक चंद, बालक राम, लाल चंद, बंसी लाल, रीता देवी, विद्या देवी, शिव चंद, रूप लाल, छोटू राम और साध राम तथा महिला मंडल की प्रधान दांपी देवी ने बताया कि प्रोजेक्ट कंपनी ने कुछ माह पहले ही सड़क का निर्माण किया था।
कंपनी पर अनदेखी का आरोप
अब इस सड़क से उनके घरों को भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। हालांकि लोगों का कहना है कि जहां भूस्खलन का खतरा है वहां एक बड़ा डंगा लगाकर समस्या को हल किया जा सकता है। लेकिन कंपनी प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।
लोगों ने धमकी दी है कि अगर उनकी समस्या को हल नहीं किया तो कंपनी का कार्य रोक देंगे। एसडीएम बैजनाथ ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि सड़क पर डंगा लगाने के लिए लोनिवि के एसडीओ को निरीक्षण कर रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए हैं।
अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है। प्रोजेक्ट कंपनी प्रबंधन को भी आदेश दिए हैं। प्रभावित लोगों की समस्याओं को जल्द हल किया जाएगा।
बरसात से पहले ही गांव के खतरे में आए घरों को बचाने के लिए पुख्ता कदम उठाए जाएंगे।