केंद्र सरकार का हिमाचल को बड़ा झटका
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हिमाचल प्रदेश सरकार को केंद्र ने तगड़ा झटका दिया है। तकरीबन 500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने वापस लौटा दिया है। इससे सूबे के शहरों में विकास कार्य सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
देश में सत्ता परिवर्तन के बाद हिमाचल सरकार को वित्त के तौर पर यह पहला तगड़ा झटका लगा है। सड़क, पानी और सीवरेज सिस्टम को ठीक करने के लिए जवार लाल नेहरू अरबन रिन्यूवल मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत लोकसभा चुनाव से ठीक पहले यह प्रस्ताव भेजे गए थे।
जेएनएनयूआरएम के तहत मांगी थी ग्रांट
शहरी विकास विभाग की ओर से जेएनएनयूआरएम के तहत प्रदेश में 500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव भेजे गए थे। इसके तहत शिमला सहित प्रदेश के कई शहरों की सीवरेज, पानी और सड़कों को बनाना था।
पिछले सप्ताह ही केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल को एक पत्र आया है, जिसमें जेएनएनयूआरएम के तहत मिलने वाले उक्त बजट को रोक दिया गया है। भविष्य में यह बजट मिलेगा या नहीं, यह तस्वीर भी अभी साफ नहीं हुई है।
केंद्र सरकार की ओर से बजट रोकने से निश्चित तौर पर प्रदेश के कुछ शहरों का विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। केंद्र के इस कदम के बाद सूबे की सरकार अभी कोई रणनीति नहीं बना पाई है।
मंत्री बोले, योजना बंद करने की तैयारी
हिमाचल पद्रेश के शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार शायद जेएनएनयूआरएम योजना को बंद करने की तैयारी में है। इसीलिए हिमाचल सहित अन्य प्रदेशों का भी बजट रोक देने की सूचना मिली है। केंद्र के अगले पत्र का इंतजार किया जा रहा है।